राजस्थान के नागौर जिले में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी की घटनाओं के खिलाफ एक अनोखा आंदोलन छेड़ दिया। ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे के साथ शुरू हुआ यह हस्ताक्षर अभियान अब जनता के मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक बन चुका है।
सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, उठी लोकतंत्र बचाने की आवाज
सुबह नागौर शहर कांग्रेस कार्यालय से निकले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर रैली निकाली। इन तख्तियों पर बड़े अक्षरों में लिखा था 'वोट चोर-गद्दी छोड़'। अभियान की शुरुआत एक छोटे से सभागार से हुई, जहां कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती और मताधिकार की गरिमा पर चर्चा की। कार्यकारी कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारा लोकतंत्र वोटों की चोरी से कमजोर हो रहा है। हालिया चुनावों में हुई धांधली ने जनता का विश्वास तोड़ा है। अब समय आ गया है कि चोरों को कुर्सी से उतार दिया जाए।
वोट चोरी के आरोप और जनता का संकल्प
देशभर में पिछले कुछ वर्षों से ईवीएम में गड़बड़ी, बूथ कैप्चरिंग और मतदाता सूची में फर्जीवाड़े की शिकायतें बढ़ी हैं। हाल ही हुए चुनावों में विजयी उम्मीदवारों पर वोट खरीदने और चोरी के आरोप लगे। कांग्रेस का आरोप है कि यह सब सत्ता पक्ष की सोची-समझी साजिश है।
नागौर में शुरू हुआ यह अभियान इन्हीं घटनाओं के खिलाफ जनता का संकल्प है। कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से हस्ताक्षर ले रहे हैं। बड़े बैनरों पर लिखा गया है कि मैं वोट चोरी के खिलाफ हूं, चोरों को गद्दी छोड़नी चाहिए।
सोशल मीडिया और गांवों तक पहुंचा संदेश
अभियान का असर केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर #VoteChorGaddiChhod तेजी से ट्रेंड कर रहा है। ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टरों से मुनादी कराई जा रही है, जबकि शहर में ऑटो-रिक्शाओं पर बैनर लगाए गए हैं। पहले ही दिन सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर कर अभियान का समर्थन किया।
जनता को जागरूक करने की पहल
यह आंदोलन केवल विरोध तक सीमित नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का अभियान है। जागरूकता शिविरों में मतदाताओं को ईवीएम के सही उपयोग और वोटर आईडी के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। महिलाओं और युवाओं को विशेष रूप से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि वे वोट चोरी के सबसे बड़े शिकार बताए जाते हैं।
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राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में यह अभियान राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता इसे केवल राजनीति नहीं, बल्कि नैतिक जागरण का हिस्सा बता रहे हैं। आने वाले सप्ताह में इस आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की योजना है।
‘राजस्थान भर में फैल सकता है अभियान’
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विश्वास है कि नागौर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे राजस्थान में गूंजेगा। 'वोट चोर-गद्दी छोड़' अब केवल नारा नहीं, बल्कि जनता का संकल्प बन गया है। लोगों का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कीमत चुकाई जाएगी और अगर वोट चोरी पर लगाम नहीं लगी तो आने वाले चुनावों की विश्वसनीयता खतरे में पड़ जाएगी।
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