सवाई माधोपुर में अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब भीषण गर्मी में कलेक्ट्रेट के बाहर खड़ी एक महिला कार्यकर्ता बेहोश होकर गिर पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी कोई सुध नहीं ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट के बाहर धरना, धूप में बेहोश हुई कार्यकर्ता
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान तेज धूप और गर्मी के कारण एक महिला कार्यकर्ता बेहोश हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने इस दौरान कोई मदद नहीं की।
8 जुलाई से जारी है कार्य बहिष्कार
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे 8 जुलाई 2026 से कार्य बहिष्कार और तालाबंदी आंदोलन पर हैं। उनका कहना है कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मानदेय बढ़ाने, स्थायी नियुक्ति देने, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि, पेंशन सुविधा लागू करने, रिक्त पदों पर भर्ती करने और गैर-विभागीय कार्यों से मुक्त करने की मांग की। साथ ही पोषण ट्रैकर के लिए दिए गए मोबाइल और पोषाहार बनाने के लिए सिलेंडर तो उपलब्ध कराने, लेकिन रिफिल का खर्च नहीं देने पर भी नाराजगी जताई।
'भेदभाव किया जा रहा है'
कार्यकर्ता रेणु जाट ने आरोप लगाया कि विभागीय कार्यक्रम में ड्रेस नहीं पहनने पर नोटिस जारी कर मानदेय काट लिया जाता है, जबकि राजनीतिक और जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों में बिना ड्रेस भीड़ जुटाने के लिए बुलाया जाता है। उनका कहना है कि यह दोहरा रवैया है और कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।