श्री पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम में आचार्य रश्मि रत्नसुरी के शिष्य रत्न, पूर्वरत्न विजय मसा की निश्रा में चल रही नवपद ओली की आराधना के तहत बुधवार को विश्व नवकार महामंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुनिराज ने श्रावक-श्राविकाओं को विभिन्न मुद्राओं के साथ संगीतमय नवकार महामंत्र का जाप करवाया और विश्व शांति एवं सर्वकल्याण की सामूहिक प्रार्थना करवाई। आयोजन के दौरान नवकार महामंत्र के रजत पट्ट को शिल्पा हसमुख पटेल ने पुष्पमालाओं, रंगोली और मंगल दीपक से सजाया। तपस्वियों और भक्तों ने मंदिर परिसर में भक्ति नृत्य कर आनंद लिया।
मुनिराज ने नवकार महामंत्र की महिमा बताते हुए कहा कि यह मंत्र सुख, शांति, प्रेम, सद्भावना और सर्वकल्याण का अचूक माध्यम है। इसकी साधना से जीवन पवित्र और निर्मल बनता है। उन्होंने कहा कि इस महामंत्र में उन सभी आचार्यों और महान तपस्वियों को वंदन किया जाता है, जिन्होंने त्याग, तपस्या और साधना के माध्यम से विशिष्टता प्राप्त की है।
उन्होंने आगे कहा कि नवकार महामंत्र की साधना समाज के हर वर्ग आचार्य, साधु-साध्वी, रोगी, भोगी, राजा और रंक द्वारा की जाती है। यह गर्व की बात है कि आज देश ही नहीं, विदेशों में भी प्रधानमंत्री सहित विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों ने एक साथ इस मंत्र का जाप कर इसकी महिमा को स्वीकारा और जीवन में इसे अपनाने का संकल्प लिया। इसका शुभ परिणाम समाज को अवश्य मिलेगा।
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तीर्थ के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने नवकार महामंत्र दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दीं और बताया कि जीतो संस्था द्वारा यह आयोजन देश-विदेश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। उल्लेखनीय है कि राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित पावापुरी चौमुखा जल मंदिर का निर्माण 2009 में हुआ था। इसका स्वरूप बिहार स्थित पावापुरी जैसा है, जो भगवान महावीर का मूल निर्वाण स्थल है।
पावापुरी में कल मनाया जाएगा महावीर जन्म कल्याणक
श्री पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम, जो दिल्ली-कांडला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है, में चैत्र सुदी तेरस को भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मुनिराज पूर्वरत्नविजय महाराज की निश्रा में सुबह 8 बजे बैंड-बाजों के साथ जन्म कल्याणक का वरघोड़ा निकलेगा, जो पावापुरी चौमुखा जल मंदिर पहुंचेगा। वहां सामूहिक चेत्यवंदन किया जाएगा। इस अवसर पर उपाश्रय में भगवान महावीर के 14 रजत सपनों के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें मुनिराज का सान्निध्य रहेगा। वरघोड़े में ऊंट, घोड़े, घोड़ा बग्गी, इलेक्ट्रिक बग्गी, बैटरी कार, इन्द्र ध्वजा, भगवान का रथ, नवपद ओली के तपस्वी, पावापुरी प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी, यात्रिगण एवं स्टाफ सदस्य शामिल होंगे।