गेहूं की पैदावार की हकीकत देखने के लिए जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने सदर तहसील क्षेत्र के अमावां ब्लॉक के डिडौली गांव में पहुंची। उनकी देखरेख में क्रॉप कटिंग कर उत्पादकता का आकलन किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल गेहूं कटाई के दो खेतों मे प्रयोग किए गए।
एक निश्चित त्रिकोण क्षेत्र में फसल कटाई कर यह देखा गया कि कितनी उत्पादकता प्राप्त हो रही है।
दो खेतों में क्रॉप कटिंग की गई, जिसमें गाटा संख्या 265 में लगभग 17.350 किग्रा के हिसाब से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता उपज प्राप्त हुई। इसी प्रकार गाटा संख्या 99 में 18.150 किग्रा के हिसाब से 41 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता उपज प्राप्त हुई।
बता दें कि क्रॉप कटिंग से फसल की पैदावार देखी जाती है। इसमें रेंडम आधार पर खेतों को चुनकर फसल की उत्पादकता का आकलन किया जाता है। कम उत्पादकता होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत जनपद में कार्यरत बीमा कंपनी किसानों को लाभ देती है, इसलिए किसानों को अधिक से अधिक फसल बीमा करा लेना चाहिए।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।