उदयपुर में भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अलग भील प्रदेश राज्य की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आदिवासी हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
'जय जोहार' और 'जय भील प्रदेश' के नारों के साथ सैकड़ों प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिलाकर अलग भील प्रदेश के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
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ज्ञापन में अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान की भावना के अनुरूप आरक्षण लागू करने, जल आरक्षण का प्रावधान करने, आदिवासी धर्म कोड लागू करने, भीली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, विश्व आदिवासी दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने, आदिवासी क्षेत्रों में शराबबंदी लागू करने, भूमिहीन आदिवासियों को भूमि उपलब्ध कराने तथा स्थानीय लोगों को पुलिस और प्रशासन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने जैसी मांगें शामिल थीं।
प्रदर्शन के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में शामिल युवाओं और महिलाओं ने थाली बजाकर तथा लोकनृत्य प्रस्तुत कर अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि एहतियात के तौर पर कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के संयोजक ने कहा कि आदिवासी समाज को उसके संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और राज्य सरकार ने अलग भील प्रदेश सहित अन्य मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।