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VIDEO: राजकीय इंटर कॉलेज 37, विज्ञान के प्रवक्ता सिर्फ 10, बदहाल है प्रयोगशाला
अमेठी जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित 37 राजकीय इंटर कॉलेजों में विज्ञान के केवल 10 प्रवक्ता कार्यरत हैं। यह स्थिति इंटरमीडिएट में विज्ञान विषय के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा और प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अधिकांश कॉलेजों में या तो प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं हैं, या फिर जो हैं, उनकी बदहाली शिक्षा में बाधा बन रही है।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हाईस्कूल में 26,150 और इंटरमीडिएट में 21,045 छात्र पंजीकृत हैं। इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी है। जिले के 37 राजकीय कॉलेजों में केवल चार जीव विज्ञान, पांच रसायन विज्ञान और एक भौतिक विज्ञान प्रवक्ता कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, 16 सहायक अध्यापक भी विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं।
ऐसी स्थिति में, कोई भी ऐसा इंटर कॉलेज नहीं है जहां विज्ञान वर्ग के सभी आवश्यक शिक्षक उपलब्ध हों। कई स्कूल तो पूरी तरह से विज्ञान शिक्षक विहीन हैं, जबकि कुछ में केवल एक शिक्षक की नियुक्ति है। ऐसे में, अन्य विषयों के शिक्षकों की सहायता से विज्ञान की पढ़ाई और प्रयोगात्मक कार्य संपन्न कराया जा रहा है। 24 जनवरी से 1 फरवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन प्रयोगशालाओं की खस्ताहाल स्थिति और उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों की तैयारी प्रभावित हो रही है। विभाग का दावा है कि स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की मानदेय पर तैनाती कर पढ़ाई जारी रखी जा रही है।
जीजीआईसी में प्रयोगशाला का अभाव
गौरीगंज स्थित जीजीआईसी में कक्षा 11 में नौ और इंटर में सात छात्राएं विज्ञान वर्ग से पंजीकृत हैं। यहां जीव विज्ञान की प्रवक्ता के रूप में प्रधानाचार्य डॉ. संगीता शर्मा की तैनाती है। मंगलवार को, छात्राओं को कॉलेज परिसर के बाहर अन्य शिक्षिकाओं द्वारा पढ़ाया जा रहा था। शिक्षिकाओं ने प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी का दावा किया, लेकिन हकीकत यह थी कि प्रयोगशाला में ताला लगा हुआ था और इंटरमीडिएट स्तर के लिए कोई अलग प्रयोगशाला अभी तक नहीं बनी है। वर्ष 1989 में कॉलेज को इंटर स्तर तक उच्चीकृत किया गया था, लेकिन तब से हाईस्कूल के लिए बनी प्रयोगशाला में ही इंटरमीडिएट की छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं और तैयारियां कराई जा रही हैं।
कहने को सिर्फ मॉडल, इंटर विज्ञान वर्ग में एक छात्र पंजीकृत नहीं
गौरीगंज के राघीपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज, जिसे हाईटेक सुविधाओं से लैस बताया जाता है, की स्थिति भी दावों के विपरीत है। मंगलवार को प्रयोगशाला बंद मिली। कॉलेज में केवल चार शिक्षक हैं, जिनमें विज्ञान वर्ग का एक भी शिक्षक शामिल नहीं है। इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में कोई भी छात्र पंजीकृत नहीं है। इस कारण हाईस्कूल में विज्ञान की पढ़ाई अन्य विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा करवाई जा रही है।
स्थानीय व्यवस्था पर हो रही पढ़ाई
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है। वर्तमान में, स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था कर पढ़ाई जारी रखी जा रही है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। विद्यार्थियों की शिक्षा में कोई बाधा न आए, इसके लिए समुचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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