{"_id":"6828669ac5c615f0f20d9a2d","slug":"video-ayathhaya-ma-sata-na-faka-tarakaya-ka-jhada-thashavasaya-sa-unaka-utapatha-ka-bhashhakara-ka-apal-ka-2025-05-17","type":"video","status":"publish","title_hn":"अयोध्या में संतों ने फूंका तुर्किये का झंडा, देशवासियों से उनके उत्पादों के बहिष्कार की अपील की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या में संतों ने फूंका तुर्किये का झंडा, देशवासियों से उनके उत्पादों के बहिष्कार की अपील की
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के माहौल के दौरान पाकिस्तान का समर्थन करने वाले तुर्किये
का विरोध बढ़ता जा रहा है। अयोध्या में तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने तुर्किये का झंडा जलाकर विरोध प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति तुर्किये के उत्पाद का प्रयोग न करे। परमहंस आचार्य ने कहा कि 2023 में जब तुर्किये में भूकंप आया था, तब भारत ने मदद की थी और उसका नाम दिया गया था ऑपरेशन दोस्त। अब यही दोस्त भारत का दुश्मन बनकर आतंक का समर्थन करने पाकिस्तान पहुंच गया। तुर्किये भूल गया कि उसके बुरे दिन में भारत ने साथ दिया था और अब वह आतंक का समर्थन कर रहा है। इसलिए भारतवासियों को तुर्किये के उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए। पहलगाम में निर्दोष लोगों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। इसका बदला भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत लिया लेकिन पाकिस्तान की मदद करने के लिए तुर्किये आतंक के समर्थन में खड़ा हो गया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।