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रायबरेली: बिजली विभाग की लापरवाही से श्रमिक की हुई मौत
रायबरेली: पूरे सोमवंशी मजरे मलिकमऊ चौबारा गांव में शुक्रवार शाम को बिजली की लाइन की चपेट में आने से दो मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरे का लखनऊ में इलाज चल रहा है, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरटीएसएस योजना के तहत पोरई उपकेंद्र से जुड़े गांवों में नई लाइन बिछाने का काम संस्था द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। शुक्रवार शाम पूरे सोमवंशी मजरे में लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। गांव की लाइन के बीच में ट्यूबवेल की लाइन आ रही थी, जिसे सीमेंट के डबल पोल पर लोहे की रॉड लगाकर ऊंचा किया जा रहा था। कार्यदायी संस्था के दो कर्मचारी प्रियांशू और अभिषेक शटडाउन लेकर पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि काम के दौरान ही अचानक लाइन चालू कर दी गई। इस कारण करंट की चपेट में आकर दोनों मजदूर झुलसकर नीचे गिर पड़े। ग्रामीणों ने तत्काल एंबुलेंस से दोनों को सीएचसी जतुआ-टप्पा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्रियांशू को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से झुलसे अभिषेक को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी लालगंज सुजीत कुमार राय ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग की लापरवाही ने ली मजदूर की जान
पूरे सोमवंशी निवासी दिवाकर और दिनेश सिंह ने बताया कि शटडाउन लेकर काम चल रहा था, तभी बिना सूचना के आपूर्ति बहाल कर दी गई। करंट लगने से एक मजदूर की जान चली गई। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि शटडाउन के दौरान सप्लाई किसके इशारे पर चालू की गई? ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लाइन क्रासिंग में लगाया गया लोहे की जगह सीमेंट का पोल उठे सवाल यह हादसा विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां दो लाइनें एक - दूसरे को क्रॉस कर रही हैं। नियमानुसार ऐसी जगह बड़े लोहे के पोल लगाकर लाइन को पर्याप्त ऊंचाई देनी चाहिए, ताकि सुरक्षित दूरी बनी रहे। लेकिन ठेकेदार ने मानकों को दरकिनार कर सीमेंट के डबल पोल पर लोहे की रॉड लगाकर जुगाड़ से लाइन खींच दी। ग्रामीणों का आरोप है कि यह विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट है। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
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