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VIDEO: पेंशन शासनादेश के खिलाफ गरजे वर्कचार्ज कर्मी, प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
गायत्री जोशी
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:18 PM IST
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नैनीताल में प्रदेश शासन की ओर से बीते दिनों जारी पेंशन संबंधी नए शासनादेश के खिलाफ सोमवार को लोक निर्माण विभाग एव सिचाई विभाग के नियमित वर्कचार्ज कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सेवारत कर्मचारी व पेंशनर्स ने दर्शनघर पार्क में धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद वह जुलूस की शक्ल में तल्लीताल डांठ में गांधी मूर्ति के समक्ष पहुंचे। जहां शासनादेश की प्रतियां जलाकर अपने गुस्से का इजहार किया। चेतावनी दी गई कि यदि यह शासनादेश वापस नहीं लिया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा।
दर्शनघर पार्क में हुई सभा में प्रदेश संयोजक गिरीश चंद्र जोशी ने कहा कि 16 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश में एक अक्तूबर 2005 के बाद नियमित हुए वर्कचार्ज कार्मिकों की दस वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ही पेंशन की परिधि में रखा गया है। जो कतई व्यावहारिक नहीं है। वर्कचार्ज कर्मचारियों को दी जा रही पेंशन सरकार की कृपा से नहीं है। कर्मचारी संगठनों ने देश की सर्वोच्च न्यायालय की लड़ाई लड़ने के बाद इसे प्राप्त किया है। अब सरकार कई वर्षों तक किए संघर्ष के बाद मिले कार्मिकों के हक को छीनना चाहती है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला सचिव गोधन सिंह नेगी ने कहा कि शासन के इस आदेश से दोनों विभागों के प्रदेश भर के लगभग 3000 कार्मिकों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। आर्थिक हालात के चलते उनके द्वारा उठाए गए किसी भी कदम की जिम्मेदार प्रदेश सरकार होगी। हरीश सिंह ने कहा कि 1980 से 2025 तक लोनिवि व सिचाई विभाग में नियमित हुए तथा असमायिक मृत्यु का शिकार हुए कार्मिकों के आश्रितों को उनका हक नहीं दिया जा रहा है, जबकि कुमाऊ में 200 पद रिक्त हैं। चेतावनी दी गई कि शासनादेश वापस नहीं लेने पर रणनीति तय कर वृहद आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में कुंदन सिंह, हेमा देवी, किशन सिंह, पूरन सिंह, विद्या सागर, हेमा देवी, गोपाल सिंह, राजन राम, गणेश चंद्र, कृपाल सिंह, सुरेश बहादुर, देव राम, राम लाल आदि रहे।
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