Hindi News
›
Video
›
Uttarakhand
›
Pauri News
›
Bhasma Aarti in ancient Nageshwar Mahadev temple gives relief from Kaalsarp Dosh Srinagar Garhwal
{"_id":"68886cd253029bb6cd02b046","slug":"video-bhasma-aarti-in-ancient-nageshwar-mahadev-temple-gives-relief-from-kaalsarp-dosh-srinagar-garhwal-2025-07-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर में भस्म आरती, कालसर्प दोष से मिलती है मुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर में भस्म आरती, कालसर्प दोष से मिलती है मुक्ति
सावन के दूसरे सोमवार पर अलकनंदा नदी के दक्षिणी तट स्थित प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही। तड़के भोर से ही शिवभक्त जलाभिषेक के लिए कतारों में जुट गए। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और ''बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा। यहां विशेष मान्यता है कि सावन के सोमवार पर विधिवत शिवार्चन करने से कालसर्प दोष का शमन होता है और भक्तों को पुनर्जन्म के बंधन से मुक्ति मिलती है। महंत नितिन पुरी ने बताया कि मंदिर में चांदी के नाग-नागिन अर्पित कर पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। त्रिरथ शैली में निर्मित यह मंदिर 12वीं से 14वीं सदी के बीच बना था जो 1803 के भूकंप में ध्वस्त हो गया। 20वीं सदी की शुरुआत में महंत शिवानंद पुरी ने इसका पुनर्निर्माण कराया और 1980 के दशक में महंत उमानंद पुरी ने जीर्णोद्धार किया। वर्ष 2013 में श्रद्धालु राजेंद्र नागपाल के सहयोग से इसे आधुनिक स्वरूप दिया गया और यहां पीतल निर्मित सुदर्शन नंदी की स्थापना भी हुई। बताया, मान्यता है कि यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग और शारदाघाट (पूर्व में नागकुंड) में स्नान कर पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्कंदपुराण के केदारखंड में वर्णित इस स्थान के लिए मान्यता है कि नागों ने यहां भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। वहीं, एक किंवदंती के अनुसार, भगवान विष्णु ने शिव की उपस्थिति से अभिभूत होकर इस भूमि पर नाग रूप धारण किया था तभी से यह स्थान नागेश्वर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। वर्तमान में महंत नितिन पुरी इस पौराणिक परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सावन के सोमवार को दर्शन मात्र से ही शिवकृपा प्राप्त होती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।