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एसआईआर: एक मकान में 233 वोटर...'सरस्वती और अरमान' रहते हैं एक साथ, आने लगी सूची की खामियां
राजन राय, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:39 PM IST
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सार
वार्ड नंबर-15 दिग्विजयनगर में बूथ संख्या 260 पर मकान नंबर 617 में 378 से 610 सीरियल नंबर तक 233 मतदाताओं के नाम हैं। क्रम संख्या 378 पर शकुंतला देवी का नाम दर्ज है तो इसी मकान में 607 नंबर पर मो रज्जाक, जबकि 606 नंबर पर गरिमा सिंह का नाम है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अनन्तिम मतदाता सूची में ढेर सारी खामियां सामने आने लगी हैं। मतदाता सूची में दर्ज कई ऐसे मकान हैं जिनमें 150 से 200 मतदाता हैं। कहीं हिंदू और मुस्लिम परिवार एक साथ रह रहे हैं तो कहीं एक ही घर में कई जाति वर्ग के लोगों का नाम दर्ज है। कुछ ऐसे भी घर हैं जहां एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथ पर दर्ज हैं।
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वार्ड नंबर-15 दिग्विजयनगर में बूथ संख्या 260 पर मकान नंबर 617 में 378 से 610 सीरियल नंबर तक 233 मतदाताओं के नाम हैं। क्रम संख्या 378 पर शकुंतला देवी का नाम दर्ज है तो इसी मकान में 607 नंबर पर मो रज्जाक, जबकि 606 नंबर पर गरिमा सिंह का नाम है। शकुंतला देवी का कहना है कि उनके मकान में मुस्लिम परिवार का नाम कहां से आ गया, समझ से परे है।
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वार्ड के पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने बताया कि 2003 की मतदाता सूची में जो गलतियां थीं वही इसमें भी हैं। एसआईआर फॉर्म में सब कुछ सही से भरने के बाद भी कोई संशोधन नहीं हुआ। एक-एक घर में 200 से ज्यादा नाम दर्ज होना भी हैरान करने वाला है।
इसी तरह बेतियाहाता वार्ड में भाग संख्या 326 में मकान नंबर 12 में 133 मतदाताओं के नाम हैं। इसमें 101 नंबर सरस्वती देवी हैं तो 139 नंबर पर अरमान आलम हैं। भाग संख्या में 328 में भी एक ही मकान में हिंदू और मुस्लिम परिवार एक साथ रहते हैं। 247 नंबर क्रमांक पर सूर्यनाथ हैं तो 250 नंबर पर अब्दुल राइन का नाम है।
वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी कहते हैं, मतदाता सूची मिलने के बाद मिलान किया जा रहा है। बहुत सारी खामियां हैं, सबको सूचीबद्ध किया जा रहा है।
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम दीपक मीणा का कहना है कि छह फरवरी तक आपत्तियां और दावा मांगा गया है। इसका निस्तारण कर खामियां को दुरुस्त कराया जाएगा।
इसी तरह बेतियाहाता वार्ड में भाग संख्या 326 में मकान नंबर 12 में 133 मतदाताओं के नाम हैं। इसमें 101 नंबर सरस्वती देवी हैं तो 139 नंबर पर अरमान आलम हैं। भाग संख्या में 328 में भी एक ही मकान में हिंदू और मुस्लिम परिवार एक साथ रहते हैं। 247 नंबर क्रमांक पर सूर्यनाथ हैं तो 250 नंबर पर अब्दुल राइन का नाम है।
वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी कहते हैं, मतदाता सूची मिलने के बाद मिलान किया जा रहा है। बहुत सारी खामियां हैं, सबको सूचीबद्ध किया जा रहा है।
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम दीपक मीणा का कहना है कि छह फरवरी तक आपत्तियां और दावा मांगा गया है। इसका निस्तारण कर खामियां को दुरुस्त कराया जाएगा।
मां-बेटी का नाम अलग-अलग बूथ पर
गोरखपुर। वार्ड नंबर 16 में जनप्रिय विहार कॉलोनी में रहने वाली रिखित वर्मा का नाम मतदाता सूची के भाग संख्या 256 में है जबकि उनकी बेटी अदिति का नाम 262 में दर्ज कर दिया गया है।
ईआरओ ने बीएलओ को समझाया..फॉर्म भरवाते समय बरतें सतर्कता
323 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की खामियों को सही करने के लिए ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) प्रशांत वर्मा ने सदर तहसील सभागार में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ बैठक की। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नए नाम जोड़ने, गलत प्रविष्टियों को हटाने और संशोधन से संबंधित दिशा-निर्देश विस्तार से दिए गए।
गोरखपुर। वार्ड नंबर 16 में जनप्रिय विहार कॉलोनी में रहने वाली रिखित वर्मा का नाम मतदाता सूची के भाग संख्या 256 में है जबकि उनकी बेटी अदिति का नाम 262 में दर्ज कर दिया गया है।
ईआरओ ने बीएलओ को समझाया..फॉर्म भरवाते समय बरतें सतर्कता
323 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की खामियों को सही करने के लिए ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) प्रशांत वर्मा ने सदर तहसील सभागार में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ बैठक की। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नए नाम जोड़ने, गलत प्रविष्टियों को हटाने और संशोधन से संबंधित दिशा-निर्देश विस्तार से दिए गए।
बीएलओ को निर्देश दिया गया कि वे मतदाताओं को सही फार्म के बारे में जागरूक करें और स्वयं भी फार्म भरवाते समय पूरी सतर्कता बरतें।
ईआरओ प्रशांत वर्मा ने बीएलओ को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि फार्म 6 केवल उन्हीं मामलों में भरवाया जाए, जहां आवेदक के परिवार के किसी एक सदस्य का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज हो। उन्होंने कहा कि बिना आधार और नियमों की अनदेखी कर फार्म भरवाने से मतदाता सूची में गड़बड़ियां होती हैं, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दो स्थानों पर दर्ज है, तो ऐसे मामलों में अनिवार्य रूप से फार्म सात भरवाकर एक स्थान से नाम विलोपित कराया जाए। वहीं, यदि मतदाता सूची में किसी का नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरण गलत दर्ज है, तो उसे सही कराने के लिए फार्म आठ भरवाया जाना आवश्यक है।
ईआरओ प्रशांत वर्मा ने बीएलओ को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि फार्म 6 केवल उन्हीं मामलों में भरवाया जाए, जहां आवेदक के परिवार के किसी एक सदस्य का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज हो। उन्होंने कहा कि बिना आधार और नियमों की अनदेखी कर फार्म भरवाने से मतदाता सूची में गड़बड़ियां होती हैं, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दो स्थानों पर दर्ज है, तो ऐसे मामलों में अनिवार्य रूप से फार्म सात भरवाकर एक स्थान से नाम विलोपित कराया जाए। वहीं, यदि मतदाता सूची में किसी का नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरण गलत दर्ज है, तो उसे सही कराने के लिए फार्म आठ भरवाया जाना आवश्यक है।