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Gorakhpur News: बच्चे भी जान सकेंगे खगोल विज्ञान के रहस्य
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 12 Mar 2026 02:52 AM IST
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- कंपोजिट विद्यालयों में बनेंगी एस्ट्रोनॉमी लैब, शासन से मंजूरी और धन मिलते ही शुरू होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। कंपोजिट विद्यालयों के विद्यार्थियों को अब खगोल विज्ञान की जानकारी भी दी जाएगी। इसके लिए विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित करने की योजना है। इससे बच्चे अंतरिक्ष, ग्रह और तारों के बारे में व्यावहारिक रूप से सीख सकेंगे और ब्रह्ममांड के रहस्यों को जान सकेंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से इस योजना को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। योजना के तहत जिले के सभी 18 विकासखंडों के चयनित कंपोजिट विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित की जाएगी। विद्यालयों के चयन में उन कंपोजिट स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां छात्र संख्या अधिक है। इससे ज्यादा बच्चों तक विज्ञान की नई जानकारी मिल सकेगी। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। एस्ट्रोनॉमी लैब के माध्यम से बच्चों को दूरबीन, चार्ट और मॉडल के जरिये अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इससे उनमें विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी।
इस संबंध में बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि लैब बनाने की प्रक्रिया को लेकर शासन को पत्र लिखा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही कंपोजिट विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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गोरखपुर। कंपोजिट विद्यालयों के विद्यार्थियों को अब खगोल विज्ञान की जानकारी भी दी जाएगी। इसके लिए विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित करने की योजना है। इससे बच्चे अंतरिक्ष, ग्रह और तारों के बारे में व्यावहारिक रूप से सीख सकेंगे और ब्रह्ममांड के रहस्यों को जान सकेंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से इस योजना को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। योजना के तहत जिले के सभी 18 विकासखंडों के चयनित कंपोजिट विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित की जाएगी। विद्यालयों के चयन में उन कंपोजिट स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां छात्र संख्या अधिक है। इससे ज्यादा बच्चों तक विज्ञान की नई जानकारी मिल सकेगी। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। एस्ट्रोनॉमी लैब के माध्यम से बच्चों को दूरबीन, चार्ट और मॉडल के जरिये अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इससे उनमें विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी।
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इस संबंध में बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि लैब बनाने की प्रक्रिया को लेकर शासन को पत्र लिखा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही कंपोजिट विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।