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Gorakhpur News: रेलवे ट्रैक के किनारे डंठल जलाने से फैली आग, मऊ रूट पर रोकनी पड़ी ट्रेन

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 06:05 AM IST
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Burning of stubble on the railway track spreads to a fire, forcing the train to be stopped on the Mau route.
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- चौरीचौरा-बैतालपुर, कप्तानगंज-लक्ष्मीपुर और भटनी-मऊ रूट पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलानी पड़ी
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- एनईआर में अलर्ट जारी, किसानों को समझाने के लिए टीमें, आग की घटना पर होगी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई


गोरखपुर। रेलवे ट्रैक के किनारे गेहूं का डंठल जलाने से फैल रही आग रेलवे ट्रैक तक पहुंचने लगी है। बुधवार को एनईआर के तीन रेलवे ट्रैक तक पहुंच गई और फेफना-मऊ रूट पर सदभावना एक्सप्रेस को रोकना पड़ा। फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग को बुझाया तब जाकर ट्रेन को रवाना किया गया। लगातार रेलवे ट्रैक तक आग पहुंचने की घटना को रेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और अलर्ट जारी किया है। साथ ही अधिकारियों से कहा गया है कि किसानों से बातचीत कर समझाएं। आगे इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई की भी हिदायत दी गई है।

दरअसल, इस समय गेहूं की कटाई के बाद लोग डंठल में आग लगा दे रहे हैं। बुधवार को चौरीचौरा-बैतालपुर, कप्तानगंज-लक्ष्मीपुर और फेफना-मऊ रूट पर रेलवे ट्रैक के पास तक आग की लपटें पहुंच गईं। इसे देखते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलानी पड़ी। कप्तानगंज-लक्ष्मीपुर रूट पर ग्रामीणाें और रेलकर्मियों ने आग को बुझा लिया लेकिन चौरीचौरा-बैतालपुर और फेफना-मऊ रूट पर काफी देर तक फायर ब्रिगेड की टीम को मशक्कत करनी पड़ी तब जाकर सफलता मिली। इसी बीच फेफना-मऊ रूट के बीच सदभावना एक्सप्रेस को रोकना पड़ा।
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अपील : पटरी के पास न जलाएं सूखी घास, पराली या कूड़ा
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों और किसानों से अपील की है कि यात्रा के दौरान धूम्रपान न करें। किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ जैसे गैस सिलिंडर, स्टोव और पटाखे साथ लेकर न चलें। ट्रैक, झाड़ियों और पटरियों के आसपास सूखी घास, पराली या कूड़ा जलाना बेहद खतरनाक है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने अपील करते हुए लोगों को जागरूक किया कि चलती ट्रेन से जलती माचिस, बीड़ी या सिगरेट फेंकना भी हादसों को कारण बन सकता है। ट्रैक के पास आग लगने से सिग्नल की केबल, रिले रूम और दूरसंचार उपकरण जल सकते हैं। इससे ट्रेन संचालन बाधित हो सकता है और गाड़ियां लेट हो सकती हैं। आग की लपटें ओवरहेड बिजली की तारों तक पहुंचकर बिजली आपूर्ति भी ठप कर सकती हैं। धुएं के कारण दृश्यता कम होने से ट्रेन रोकनी पड़ सकती है। यदि कहीं ट्रैक के पास आग दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या नजदीकी स्टेशन को सूचना दें। रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत कार्रवाई कर पांच साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। उन्होंने लोगों से रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है।
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