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मरीज माफिया का दखल: गाड़ियों पर सख्ती बढ़ गई, बदला मरीजों का खेल- अब पैदल ले जा रहे हैं बिचौलिए
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:49 AM IST
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सार
मेडिकल कॉलेज के वार्डों में तैनात कुछ आउटसोर्स और संविदा कर्मचारी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ये कर्मचारी मरीजों के तीमारदारों को पहले यह कहकर डराते हैं कि यहां इलाज की सुविधा पर्याप्त नहीं है या समय पर इलाज नहीं मिल पाएगा। इसके बाद निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज का झांसा देकर बाहर ले जाने के लिए उकसाते हैं।
बीआरडी परिसर में ऑटो चालक मरीजों के तीमारदार से बातचीत करते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में निजी एंबुलेंस और ऑटो चालकों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ते ही मरीजों को बहकाने वाले गिरोह ने अपना तरीका बदल लिया है। अब ये बिचौलिए वाहन लेकर अंदर आने के बजाय मरीजों और उनके तीमारदारों को झांसे में लेने के बाद परिसर से बाहर बुला रहे हैं। बाहर ले जाकर उन्हें ऑटो और अन्य गाड़ियों से निजी अस्पतालों में पहुंचा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर मोड़ने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन की ओर से कार्रवाई के बाद परिसर में निजी एंबुलेंस की आवाजाही पर काफी हद तक रोक लगी है लेकिन इसके बाद भी दलालों की घुसपैठ कम नहीं हुई। सख्ती बढ़ने पर धंधेबाजों के इन गुर्गों ने अपने काम का तरीका बदल लिया है।
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सूत्रों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के वार्डों में तैनात कुछ आउटसोर्स और संविदा कर्मचारी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ये कर्मचारी मरीजों के तीमारदारों को पहले यह कहकर डराते हैं कि यहां इलाज की सुविधा पर्याप्त नहीं है या समय पर इलाज नहीं मिल पाएगा। इसके बाद निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज का झांसा देकर बाहर ले जाने के लिए उकसाते हैं।
जब तीमारदार झांसे में आ जाते हैं, तो उन्हें एंबुलेंस चालकों के मोबाइल नंबर दे दिए जाते हैं। फिर कर्मचारी और एंबुलेंस चालक मिलकर मरीज को इस तरह निकलवाते हैं कि ऐसा लगे कि मरीज के परिजन अपनी मर्जी से निजी अस्पताल जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के निर्देश पर गार्डों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि परिसर में आने-जाने वाली हर गाड़ी की सघन जांच की जाए।
अब किसी भी मरीज को बाहर ले जाने से पहले तीमारदार को मेडिकल चौकी पर विस्तृत जानकारी दर्ज करानी होती है। इसमें तीमारदार को अपना नाम, पता, मरीज का नाम, वाहन नंबर, चालक का नाम और जिस अस्पताल में जाना है उसकी जानकारी रजिस्टर में दर्ज करानी होती है। इसके साथ ही फोटो भी लिया जाता है। इसके बाद ही मरीज को बाहर ले जाने की अनुमति दी जाती है। हाल ही में पुलिस ने कई निजी एंबुलेंस सीज कीं हैं।
अब किसी भी मरीज को बाहर ले जाने से पहले तीमारदार को मेडिकल चौकी पर विस्तृत जानकारी दर्ज करानी होती है। इसमें तीमारदार को अपना नाम, पता, मरीज का नाम, वाहन नंबर, चालक का नाम और जिस अस्पताल में जाना है उसकी जानकारी रजिस्टर में दर्ज करानी होती है। इसके साथ ही फोटो भी लिया जाता है। इसके बाद ही मरीज को बाहर ले जाने की अनुमति दी जाती है। हाल ही में पुलिस ने कई निजी एंबुलेंस सीज कीं हैं।