UP: भाजपा पार्षद ज्ञानती देवी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, निर्वाचन रद्द करने के आदेश पर रोक- बनीं रहेंगी पार्षद
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने ज्ञानती देवी की ओर से दाखिल प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए दिया। याची के निर्वाचन को गोरखपुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 23 जुलाई के फैसले से शून्य घोषित कर दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर नगर निगम के शाहपुर वार्ड की भाजपा पार्षद ज्ञानती देवी का निर्वाचन रद्द करने वाले चुनाव न्यायाधिकरण के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही विपक्षी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है। इस राहत पर ज्ञानती देवी ने हाईकोर्ट का टााीार जमाया है।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने ज्ञानती देवी की ओर से दाखिल प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए दिया। याची के निर्वाचन को गोरखपुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 23 जुलाई के फैसले से शून्य घोषित कर दिया था।
इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर इस फैसले को चुनौती दी गई थी।अपीलार्थी की ओर से दलील दी गई कि निर्वाचन न्यायाधिकरण ने महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की। फॉर्म-7ए में राजनीतिक दल की ओर से घोषित उम्मीदवार के विवरण में पति का नाम गलती से श्याम लाल दर्ज हो गया था, जबकि याची के पति का नाम परशुराम है।
फॉर्म तैयार करने वाले गवाह राजेश कुमार गुप्ता ने भी अपनी गवाही में स्पष्ट किया था कि याची ही भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार थीं। अपील में यह भी कहा गया कि संपत्ति का विवरण छिपाने के आरोप पर निर्वाचन न्यायाधिकरण ने यह विचार नहीं किया कि कथित चूक का चुनाव परिणाम पर वास्तव में कोई प्रभाव पड़ा था या नहीं।
गोरखपुर। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शाहपुर की पार्षद ज्ञानती देवी और उनके परिवार में खुशी है। उच्च न्यायालय ने ज्ञानती देवी की पार्षद पद निरस्त करने वाले आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायालय के इस निर्णय को परिवार ने सत्य और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है और कोर्ट का आभार जताया है।
ज्ञानती देवी के पुत्र व पार्षद प्रतिनिधि चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वह और उनका परिवार लगातार सुर्खियों में रहा है। विरोधियों की ओर से उनकी और परिवार की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से आरोप लगाए गए। ऐसे समय में हाईकोर्ट का आदेश परिवार के लिए बड़ी राहत है। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि आदेश की कॉपी अभी हमें प्राप्त नहीं हुई है। आदेश की कॉपी मिलते ही कोर्ट के आदेश का पालन होगा।