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Gorakhpur News: भारत का भविष्य युवाओं के विचार, संस्कार और कर्म पर निर्भर, संवाद में शामिल हुए 500 युवा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:55 AM IST
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सार
युवा केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आएं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में चरित्र निर्माण, संगठन शक्ति और सामाजिक समरसता के महत्व पर विशेष बल दिया। इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ सह सरकार्यवाह अतुल लिमये, गोरक्ष प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल एवं दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने भारत माता के चित्र पर दीप जलाकर और पुष्पांजलि करके किया।
संबोधित करते सह सरकार्यवाह अतुल लिमये
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के विचार, संस्कार और कर्म पर निर्भर करता है। युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली पूंजी है। जिस देश का युवा जागरूक, संस्कारित और संगठित होता है, वह स्वतः ही विकास और वैभव के शिखर पर पहुंचता है।
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संघ के सह सरकार्यवाह बृहस्पतिवार को गोरखपुर क्लब में आरएसएस के महानगर दक्षिण भाग की ओर से ''राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका' विषय पर आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वह गोरखपुर-बस्ती मंडल में चार दिनों के प्रवास पर आए हुए हैं।
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अतुल लिमये ने युवाओं को आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने का संदेश देते हुए कहा कि केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान को भी जीवन का ध्येय बनाना चाहिए। यदि युवा अपने जीवन में अनुशासन, सेवा और समर्पण के मूल्यों को अपनाएं, तो देश को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो न केवल अपने कॅरिअर में आगे बढ़ें बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाएं। वर्तमान समय केवल अवसरों का नहीं बल्कि जिम्मेदारियों का भी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो न केवल अपने कॅरिअर में आगे बढ़ें बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाएं। वर्तमान समय केवल अवसरों का नहीं बल्कि जिम्मेदारियों का भी है।
युवा केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आएं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में चरित्र निर्माण, संगठन शक्ति और सामाजिक समरसता के महत्व पर विशेष बल दिया।
इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ सह सरकार्यवाह अतुल लिमये, गोरक्ष प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल एवं दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने भारत माता के चित्र पर दीप जलाकर और पुष्पांजलि करके किया।
इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ सह सरकार्यवाह अतुल लिमये, गोरक्ष प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल एवं दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने भारत माता के चित्र पर दीप जलाकर और पुष्पांजलि करके किया।
कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मदन मोहन मालवीय प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों से युवाओं, विद्यार्थियों, समाजसेवियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ अवधेश, विभाग प्रचारक अजय नारायण, प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख हरे कृष्ण, बौद्धिक प्रमुख संकर्षण त्रिपाठी, प्रो. बीके पाण्डेय, प्रो. शरद मिश्र, प्रो. हरीश चंद्र, डॉ. मनोज, जिला प्रचारक मनीष, रोहित, अभिषेक, पद्माकर आदि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ अवधेश, विभाग प्रचारक अजय नारायण, प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख हरे कृष्ण, बौद्धिक प्रमुख संकर्षण त्रिपाठी, प्रो. बीके पाण्डेय, प्रो. शरद मिश्र, प्रो. हरीश चंद्र, डॉ. मनोज, जिला प्रचारक मनीष, रोहित, अभिषेक, पद्माकर आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका निर्णायक
सह सरकार्यवाह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका निर्णायक है। युवा अपने जीवन में अनुशासन, संस्कार और सेवा की भावना को अपनाकर समाज एवं देश के विकास में सक्रिय योगदान दें। आज का समय चुनौतियों के साथ-साथ अपार संभावनाओं का भी है। ऐसे में युवाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। संगठित और संस्कारित युवा शक्ति ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।
सह सरकार्यवाह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका निर्णायक है। युवा अपने जीवन में अनुशासन, संस्कार और सेवा की भावना को अपनाकर समाज एवं देश के विकास में सक्रिय योगदान दें। आज का समय चुनौतियों के साथ-साथ अपार संभावनाओं का भी है। ऐसे में युवाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। संगठित और संस्कारित युवा शक्ति ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।
युवाओं के सवालों को सुन शांत की जिज्ञासा
कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न रखे। अतुल लिमये ने उनके समाधान प्रस्तुत किए। संवाद के माध्यम से युवाओं में नई ऊर्जा, उत्साह और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम की प्रस्ताविकी डॉ. अमित सिंह, अध्यक्षता डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने किया।
कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न रखे। अतुल लिमये ने उनके समाधान प्रस्तुत किए। संवाद के माध्यम से युवाओं में नई ऊर्जा, उत्साह और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम की प्रस्ताविकी डॉ. अमित सिंह, अध्यक्षता डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने किया।