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एम्स: एआई बताएगा बीमारियों का रुझान, स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:41 AM IST
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- मरीजों के डेटा का होगा स्मार्ट विश्लेषण, स्वास्थ्य सेवाएं बनेंगी अधिक प्रभावी
गोरखपुर। एम्स में आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को नई गति देने की दिशा में संस्थान ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। संस्थान एक विशेष चरण विकसित करेगा, जो मरीजों से संबंधित डिजिटल पर्चों, जांच रिपोर्टों और उपचार संबंधी आंकड़ों का स्वतः संकलन और विश्लेषण करेगा।
इस परियोजना के लिए सामुदायिक चिकित्सा एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग में एक अलग विभाग स्थापित किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ डिजिटल स्वास्थ्य डेटा के संग्रहण, प्रबंधन और विश्लेषण का कार्य करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी मात्रा में उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करने से विभिन्न रोगों की प्रवृत्ति, उनके प्रसार और उपचार की प्रभावशीलता को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि संस्थान के तरफ से विकसित किया जाने वाला यह चरण मरीजों की जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार संबंधी सूचनाओं को एकीकृत कर महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकालने में सक्षम होगा। इससे चिकित्सकों को निर्णय लेने में सहायता मिलेगी और मरीजों को अधिक सटीक एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह पहल आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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गोरखपुर। एम्स में आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को नई गति देने की दिशा में संस्थान ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। संस्थान एक विशेष चरण विकसित करेगा, जो मरीजों से संबंधित डिजिटल पर्चों, जांच रिपोर्टों और उपचार संबंधी आंकड़ों का स्वतः संकलन और विश्लेषण करेगा।
इस परियोजना के लिए सामुदायिक चिकित्सा एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग में एक अलग विभाग स्थापित किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ डिजिटल स्वास्थ्य डेटा के संग्रहण, प्रबंधन और विश्लेषण का कार्य करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी मात्रा में उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करने से विभिन्न रोगों की प्रवृत्ति, उनके प्रसार और उपचार की प्रभावशीलता को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
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कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि संस्थान के तरफ से विकसित किया जाने वाला यह चरण मरीजों की जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार संबंधी सूचनाओं को एकीकृत कर महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकालने में सक्षम होगा। इससे चिकित्सकों को निर्णय लेने में सहायता मिलेगी और मरीजों को अधिक सटीक एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह पहल आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।