{"_id":"6863da66fa7b7e6ef90a672e","slug":"the-president-inaugurated-the-auditorium-and-panchkarma-medical-center-at-mahayogi-gorakhnath-university-2025-07-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: राष्ट्रपति ने कहा, मुझसे पहले कोई दूसरे शहर पढ़ने नहीं गया था, अब बहुत बदलाव आया- बेटियां कीर्तिमान रच रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: राष्ट्रपति ने कहा, मुझसे पहले कोई दूसरे शहर पढ़ने नहीं गया था, अब बहुत बदलाव आया- बेटियां कीर्तिमान रच रही
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 01 Jul 2025 06:24 PM IST
विज्ञापन
सार
महामहिम मंगलवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में बने ऑडिटोरियम और विश्व स्तरीय पंचकर्म चिकित्सा केंद्र के लोकार्पण और न्यू गर्ल्स हॉस्टल के शिलान्यास के बाद संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यह संस्था महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ की परंपरा से जुड़ा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसका लोकार्पण किया था। केवल चार वर्षों में ही इस संस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की हैं।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति ने किया ऑडिटोरियम, पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि विश्वविद्यालय की नई सुविधाओं का लोकार्पण का खुशी महसूस हो रही है। मानव शरीर को दोषमुक्त बनाने में पंचकर्म की प्रक्रिया सही सिद्ध हुई। आशा करती हूं कि पंचकर्म केंद्र से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। अपने बाल्यकाल के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि कक्षा सात के बाद आगे की पढ़ाई के लिए 300 किमी दूर भुवनेश्वर गई।
मुझसे पहले कोई बालिका दूसरे शहर में पढ़ने नहीं गई थी। आज बहुत बदलाव आ गया है। बेटियां नए कीर्तिमान रच रही है। लेकिन, आज भी बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बेटियां के लिए सुरक्षित आवास न होना उनकी उच्च शिक्षा में अवरोध पैदा करता है।
Trending Videos
मुझसे पहले कोई बालिका दूसरे शहर में पढ़ने नहीं गई थी। आज बहुत बदलाव आ गया है। बेटियां नए कीर्तिमान रच रही है। लेकिन, आज भी बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बेटियां के लिए सुरक्षित आवास न होना उनकी उच्च शिक्षा में अवरोध पैदा करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी मार्ग है। न्यू गर्ल्स हॉस्टल इस राह में सराहनीय पहल है। ये कदम नारी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एनईपी में उच्च शिक्षा में निजी विश्वविद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है। आज से लगभग 700 वर्ष पहले महाराणा प्रताप ने त्याग और पराक्रम का जो उदाहरण प्रस्तुत किया वह हमेशा आदर्श के रूप में रहेगा।
इस विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थी प्रोफेशनल एजुकेशन में उत्कृष्ट हासिल करने के साथ आध्यात्मिकता और राष्ट्र प्रेम को अपने आचरण में लाएं। महामहिम मंगलवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में बने ऑडिटोरियम और विश्व स्तरीय पंचकर्म चिकित्सा केंद्र के लोकार्पण और न्यू गर्ल्स हॉस्टल के शिलान्यास के बाद संबोधित कर रही थीं।
इस विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थी प्रोफेशनल एजुकेशन में उत्कृष्ट हासिल करने के साथ आध्यात्मिकता और राष्ट्र प्रेम को अपने आचरण में लाएं। महामहिम मंगलवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में बने ऑडिटोरियम और विश्व स्तरीय पंचकर्म चिकित्सा केंद्र के लोकार्पण और न्यू गर्ल्स हॉस्टल के शिलान्यास के बाद संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि यह संस्था महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ की परंपरा से जुड़ा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसका लोकार्पण किया था। केवल चार वर्षों में ही इस संस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की हैं। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित चिकित्सालयों में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा विधि को शामिल किया गया है।
यहां के आयुर्वेद चिकित्सालय में 200 बेड की सुविधा उपलब्ध है। पूर्वांचल स्वस्थ और समृद्ध होगा तो यूपी तेजी से आगे बढ़ेगा। यूपी बढ़ेगा तो पूरा भारत प्रगति की मार्ग ओर बढ़ेगा। विश्वविद्यालय परिसर में शाम 04:45 बजे राष्ट्रपति का आगमन हुआ। उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद विश्वविद्यालय का परिचयात्मक वीडियो क्लिप प्रस्तुत किया गया।
यहां के आयुर्वेद चिकित्सालय में 200 बेड की सुविधा उपलब्ध है। पूर्वांचल स्वस्थ और समृद्ध होगा तो यूपी तेजी से आगे बढ़ेगा। यूपी बढ़ेगा तो पूरा भारत प्रगति की मार्ग ओर बढ़ेगा। विश्वविद्यालय परिसर में शाम 04:45 बजे राष्ट्रपति का आगमन हुआ। उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद विश्वविद्यालय का परिचयात्मक वीडियो क्लिप प्रस्तुत किया गया।
सनातन परंपरा में सेवा ही धर्म : राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यह साशाक्तिकरण के दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। आज जब हम योग शिक्षा और स्वास्थ्य की बात कर रहे हैं तो यह विश्वविद्यालय उसमें तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य केवल पारंपरिक चिकित्सा तक सीमित नहीं है।
यह आयुर्वेद, योग और विशिष्ट कौशल प्रदान कर रहा है। यह प्रयास सराहनीय है। और पूरे देश के लिए प्रेरक भी है। हमारी सनातन परंपरा में सेवा को धर्म माना गया है। एमबीबीएस की 100 सीटों की मान्यता मिलना बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय में सिर्फ चिकित्सा ही नहीं शोध और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
यह विश्वविद्यालय लैंगिक समानता और सर्व सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। प्राचीन भारत में नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों ने दुनिया को शिक्षा और चिकित्सा की राह दिखाईं। स्वागत भाषण में कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने कहा कि ऑडिटोरियम और पंचकर्म केंद्र का लोकार्पण राष्ट्रपति के हाथों होना गौरव का क्षण है। महामहिम की उपस्थिति से हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। अगस्त 2021 से संचालित यह विश्वविद्यालय महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों पर आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यह साशाक्तिकरण के दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। आज जब हम योग शिक्षा और स्वास्थ्य की बात कर रहे हैं तो यह विश्वविद्यालय उसमें तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य केवल पारंपरिक चिकित्सा तक सीमित नहीं है।
यह आयुर्वेद, योग और विशिष्ट कौशल प्रदान कर रहा है। यह प्रयास सराहनीय है। और पूरे देश के लिए प्रेरक भी है। हमारी सनातन परंपरा में सेवा को धर्म माना गया है। एमबीबीएस की 100 सीटों की मान्यता मिलना बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय में सिर्फ चिकित्सा ही नहीं शोध और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
यह विश्वविद्यालय लैंगिक समानता और सर्व सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। प्राचीन भारत में नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों ने दुनिया को शिक्षा और चिकित्सा की राह दिखाईं। स्वागत भाषण में कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने कहा कि ऑडिटोरियम और पंचकर्म केंद्र का लोकार्पण राष्ट्रपति के हाथों होना गौरव का क्षण है। महामहिम की उपस्थिति से हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। अगस्त 2021 से संचालित यह विश्वविद्यालय महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों पर आगे बढ़ रहा है।
पहली बार कोई राष्ट्रपति सड़क पर उतरकर बच्चों से मिला : सीएम
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फर्श से अर्श की यात्रा, शून्य से शिखर की यात्रा कैसे होती है। उसकी एक विशिष्ट पहचान है महामहिम देश के लिए। संघर्षों से जिन्होंने अपना रास्ता तैयार किया हो, विपरीत परिस्थितियों और आपदाओं का सामना करते हुए राष्ट्र और लोक कल्याण के लिए कार्य किया।
दबे कुचलो के जीवन में जो प्रकाश लाया। सोमवार को बारिश के बावजूद राष्ट्रपति की आईवीआरआई बरेली में पहुंच गई। वहां उन्होंने अपना मार्गदर्शन दिया। इसके बाद एम्स गोरखपुर के दीक्षांत समारोह में आशीर्वचन छात्र छात्राओं को दिया। आज आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण में शामिल हुई। इसके पहले सड़क पर छात्रों का अभिवादन किया।
यह पहली बार हुआ है जब कोई राष्ट्रपति बच्चों के बीच जाकर मिला। दिनकर की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा- वसुधा का नेता कौन हुआ? भूखंड-विजेता कौन हुआ?अतुलित यश-क्रेता कौन हुआ?नव-धर्म-प्रणेता कौन हुआ? जिसने न कभी आराम किया,विघ्नों में रहकर नाम किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फर्श से अर्श की यात्रा, शून्य से शिखर की यात्रा कैसे होती है। उसकी एक विशिष्ट पहचान है महामहिम देश के लिए। संघर्षों से जिन्होंने अपना रास्ता तैयार किया हो, विपरीत परिस्थितियों और आपदाओं का सामना करते हुए राष्ट्र और लोक कल्याण के लिए कार्य किया।
दबे कुचलो के जीवन में जो प्रकाश लाया। सोमवार को बारिश के बावजूद राष्ट्रपति की आईवीआरआई बरेली में पहुंच गई। वहां उन्होंने अपना मार्गदर्शन दिया। इसके बाद एम्स गोरखपुर के दीक्षांत समारोह में आशीर्वचन छात्र छात्राओं को दिया। आज आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण में शामिल हुई। इसके पहले सड़क पर छात्रों का अभिवादन किया।
यह पहली बार हुआ है जब कोई राष्ट्रपति बच्चों के बीच जाकर मिला। दिनकर की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा- वसुधा का नेता कौन हुआ? भूखंड-विजेता कौन हुआ?अतुलित यश-क्रेता कौन हुआ?नव-धर्म-प्रणेता कौन हुआ? जिसने न कभी आराम किया,विघ्नों में रहकर नाम किया।