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Gorakhpur News: एसडीएम के आश्वासन पर 18 घंटे बाद किया गया युवक का अंतिम संस्कार
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- भाजपा कार्यकर्ता की मौत का मामला : निजी अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई समेत कई मांग पर थे अड़े
- परिजन ने एफआईआर, सरकारी सहायता, बच्चों की पढ़ाई और हर माह 20 हजार रुपये की मांग की
जगतबेला। चिलुआताल क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता राकेश यादव के शव का पोस्टमार्टम होने के करीब 18 घंटे बाद बुधवार को दाह संस्कार किया गया। परिजन शव घर पर रखकर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई समेत अन्य मांगों को लेकर अड़े थे।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव सेमरा स्थित घर लाया गया था। कई घंटे तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजन को समझाते रहे लेकिन वे मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। बुधवार पूर्वांह्न 11 बजे एसडीएम सदर घर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिए। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। डोमिनगढ़ घाट पर दाह संस्कार किया गया।
राकेश यादव की पत्नी लक्ष्मी यादव ने प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है। इसमें तारामंडल स्थित निजी हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। पत्नी ने कहा कि पति की मौत के बाद वह दो बच्चों के साथ बेसहारा हो गई हैं। परिवार को सरकारी सहायता देने, दोनों बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कराने और परिवार के भरण-पोषण के लिए हर महीने 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलाने की मांग की गई है। सीओ कैंपियरगंज ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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चार अगस्त को कराया था अपेंडिक्स का ऑपरेशन
मृतक के जीजा जनार्दन यादव के मुताबिक, सेमरा निवासी 35 वर्षीय राकेश का चार अगस्त को निजी हॉस्पिटल में अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था। आरोप है कि छह अगस्त को उन्हें जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। रात में तेज दर्द होने पर परिजन दोबारा उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन का आरोप है कि इस दौरान इलाज में लापरवाही हुई और डॉक्टर बीमारी को समझ नहीं सके। जनार्दन के मुताबिक, 10 अगस्त को जांच में बीमारी गंभीर होने की जानकारी मिली। रात करीब आठ बजे राकेश को लखनऊ ले जाने के लिए एंबुलेंस में रखा गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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- परिजन ने एफआईआर, सरकारी सहायता, बच्चों की पढ़ाई और हर माह 20 हजार रुपये की मांग की
जगतबेला। चिलुआताल क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता राकेश यादव के शव का पोस्टमार्टम होने के करीब 18 घंटे बाद बुधवार को दाह संस्कार किया गया। परिजन शव घर पर रखकर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई समेत अन्य मांगों को लेकर अड़े थे।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव सेमरा स्थित घर लाया गया था। कई घंटे तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजन को समझाते रहे लेकिन वे मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। बुधवार पूर्वांह्न 11 बजे एसडीएम सदर घर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिए। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। डोमिनगढ़ घाट पर दाह संस्कार किया गया।
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राकेश यादव की पत्नी लक्ष्मी यादव ने प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है। इसमें तारामंडल स्थित निजी हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। पत्नी ने कहा कि पति की मौत के बाद वह दो बच्चों के साथ बेसहारा हो गई हैं। परिवार को सरकारी सहायता देने, दोनों बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कराने और परिवार के भरण-पोषण के लिए हर महीने 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलाने की मांग की गई है। सीओ कैंपियरगंज ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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चार अगस्त को कराया था अपेंडिक्स का ऑपरेशन
मृतक के जीजा जनार्दन यादव के मुताबिक, सेमरा निवासी 35 वर्षीय राकेश का चार अगस्त को निजी हॉस्पिटल में अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था। आरोप है कि छह अगस्त को उन्हें जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। रात में तेज दर्द होने पर परिजन दोबारा उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन का आरोप है कि इस दौरान इलाज में लापरवाही हुई और डॉक्टर बीमारी को समझ नहीं सके। जनार्दन के मुताबिक, 10 अगस्त को जांच में बीमारी गंभीर होने की जानकारी मिली। रात करीब आठ बजे राकेश को लखनऊ ले जाने के लिए एंबुलेंस में रखा गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।