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Gorakhpur News: सूदखोरों पर सख्ती, थानों में फिर शुरू होगा रजिस्टर सिस्टम
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गोरखपुर। जिले में सूदखोरी के जाल पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर पुरानी व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है। पहले थानों में सूदखोरों का रजिस्टर बनाया जाता था लेकिन समय के साथ यह व्यवस्था बंद हो गई थी। अब एसएसपी डॉ. कौस्तुभ की पहल पर इसे दोबारा शुरू किया जा रहा है, ताकि अवैध साहूकारी करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
शहर से लेकर गांव तक सूदखोरों का नेटवर्क फैला हुआ है। जरूरतमंद लोगों को मदद के नाम पर ऊंचे ब्याज पर पैसा दिया जाता है और बाद में वसूली के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। कई मामलों में यह प्रताड़ना गंभीर घटनाओं का रूप भी ले लेती है। नई व्यवस्था के तहत हर थाना क्षेत्र में सक्रिय सूदखोरों की पहचान कर उनका पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, लेन-देन का तरीका, ब्याज की दर और उनके नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां शामिल होंगी। इस कार्य की जिम्मेदारी हल्का दरोगा और बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) को सौंपी गई है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय सूदखोरों की जानकारी जुटाकर रजिस्टर को लगातार अपडेट करेंगे, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस रजिस्टर के जरिये न केवल सूदखोरों की पहचान आसान होगी, बल्कि उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि रजिस्टर तैयार होने के बाद इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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शहर से लेकर गांव तक सूदखोरों का नेटवर्क फैला हुआ है। जरूरतमंद लोगों को मदद के नाम पर ऊंचे ब्याज पर पैसा दिया जाता है और बाद में वसूली के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। कई मामलों में यह प्रताड़ना गंभीर घटनाओं का रूप भी ले लेती है। नई व्यवस्था के तहत हर थाना क्षेत्र में सक्रिय सूदखोरों की पहचान कर उनका पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, लेन-देन का तरीका, ब्याज की दर और उनके नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां शामिल होंगी। इस कार्य की जिम्मेदारी हल्का दरोगा और बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) को सौंपी गई है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय सूदखोरों की जानकारी जुटाकर रजिस्टर को लगातार अपडेट करेंगे, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
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पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस रजिस्टर के जरिये न केवल सूदखोरों की पहचान आसान होगी, बल्कि उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि रजिस्टर तैयार होने के बाद इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।