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वायरल निमोनिया: मरीजों का अचानक कम हो रहा ऑक्सीजन लेवल
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 14 May 2026 03:08 AM IST
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गोरखपुर। दिन और रात के तापमान में अंतर के चलते छोटे बच्चे और बुजुर्ग वायरल निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। कई मरीजों में डेंगू और ब्रोंकियोलाइटिस के लक्षण भी मिल रहे हैं। सामान्य बुखार-जुकाम से शुरू हुई बीमारी दो दिन में ही गंभीर हो जा रही है। मरीजों का ऑक्सीजन लेवल अचानक कम हो जा रहा है।
एम्स और जिला अस्पताल ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी इस तरह के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ब्रोंकियोलाइटिस के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। जो पहले से अस्थमा या दमा के मरीज हैं, उनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। ये मरीज अचानक गंभीर हो जा रहे हैं। इससे सबसे अधिक प्रभावित बुजुर्ग और बच्चे हो रहे हैं।
इसके साथ ही इस समय डेंगू के लक्षण वाले मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। हालांकि नवंबर के अंत तक डेंगू के मच्छर निष्प्रभावी हो जाते हैं, लेकिन अभी भी दिन में तापमान अधिक रहने से मच्छरों का प्रभाव बना हुआ है।
एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेयंश बताते हैं कि इन दिनों अपने क्षेत्र में ब्रोंकियोलाइटिस के मामले भी आ रहे हैं। यह एक प्रकार का श्वसन तंत्र का रोग है, जिसमें फेफड़ों के छोटे वायुमार्गों (ब्रांकियोल्स) में सूजन होता है।
एक सप्ताह में दिखाई देते हैं लक्षण
वायरल निमोनिया के लक्षण आमतौर पर एक सप्ताह में दिखाई देते हैं। इसकी चपेट में आने वालों को बुखार, खांसी के साथ सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, जकड़न, थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द के लक्षण आ रहे हैं। श्वांस नली व फेफड़े में संक्रमण के चलते सांस लेने में दिक्कत बढ़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।
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एम्स और जिला अस्पताल ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी इस तरह के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ब्रोंकियोलाइटिस के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। जो पहले से अस्थमा या दमा के मरीज हैं, उनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। ये मरीज अचानक गंभीर हो जा रहे हैं। इससे सबसे अधिक प्रभावित बुजुर्ग और बच्चे हो रहे हैं।
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इसके साथ ही इस समय डेंगू के लक्षण वाले मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। हालांकि नवंबर के अंत तक डेंगू के मच्छर निष्प्रभावी हो जाते हैं, लेकिन अभी भी दिन में तापमान अधिक रहने से मच्छरों का प्रभाव बना हुआ है।
एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेयंश बताते हैं कि इन दिनों अपने क्षेत्र में ब्रोंकियोलाइटिस के मामले भी आ रहे हैं। यह एक प्रकार का श्वसन तंत्र का रोग है, जिसमें फेफड़ों के छोटे वायुमार्गों (ब्रांकियोल्स) में सूजन होता है।
एक सप्ताह में दिखाई देते हैं लक्षण
वायरल निमोनिया के लक्षण आमतौर पर एक सप्ताह में दिखाई देते हैं। इसकी चपेट में आने वालों को बुखार, खांसी के साथ सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, जकड़न, थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द के लक्षण आ रहे हैं। श्वांस नली व फेफड़े में संक्रमण के चलते सांस लेने में दिक्कत बढ़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।