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Gorakhpur News: अंशिका के जाल में कौन-कौन फंसा..मोबाइल-बैंक खाते खोलेंगे ब्लैकमेलिंग के राज

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 02:10 AM IST
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Who all got trapped in Anshika's trap...Mobile and bank accounts will reveal the secrets of blackmailing.
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सिंघड़िया फायरिंग कांड: जांच शुरू, पुलिसकर्मियों और कुछ नेताओं से भी संपर्क के साक्ष्य सामने आए



बैंक खातों में आई रकम खंगाल रही पुलिस, व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल की भी जांच



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया में अस्पताल मैनेजर पर गोली चलाने की आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा के ब्लैकमेलिंग के शिकार लोगों की फेहरिस्त बढ़ सकती है। पुलिस उसके बैंक खातों और मोबाइल की जांच कर रही है ताकि यह पता चले कि कौन-कौन उसका शिकार हुआ। प्रारंभिक जांच में कुछ पुलिसवालों और नेताओं से ब्लैकमेलिंग के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं।



पुलिस अंशिका के मोबाइल फोन के साथ-साथ उसके बैंक खातों की भी गहन पड़ताल शुरू कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि उसके खाते में कहां-कहां से कितनी रकम आई और यह रकम किन कारणों से दी गई।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंशिका के बैंक अकाउंट का पूरा लेन-देन खंगाला जा रहा है। खाते में आए हर ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है कि पैसे भेजने वाला कौन है, कितनी रकम दी गई और किस उद्देश्य से दी गई। जिन लोगों ने अंशिका को पैसे ट्रांसफर किए हैं, उनके बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।



पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह रकम ब्लैकमेलिंग या दबाव बनाकर तो नहीं वसूली गई। इसके साथ ही उसके मोबाइल की प्राथमिकी जांच में कई अहम डिजिटल साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं।



सूत्रों के मुताबिक, अंशिका के मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल डिटेल और चैट खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में एक सीओ समेत करीब 15 पुलिस कर्मियों के साथ व्हाट्सएप चैट और वीडियो कॉल के जरिये बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल करने की तैयारी में है। इसके साथ ही ब्लैकमेलिंग में फंसे लोगों के तहरीर का भी इंतजार कर रही है।



पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच शुरू



सूत्रों का कहना है कि जो भी पुलिसकर्मी अंशिका के संपर्क में थे, उनकी भूमिका की अलग से जांच शुरू कर दी गई है। यह देखा जा रहा है कि संपर्क केवल औपचारिक था या फिर इसके पीछे कोई निजी या संदिग्ध उद्देश्य छिपा हुआ था। जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी।



सोशल मीडिया रील से लेकर नेताओं तक पहुंची जांच



जांच में यह भी सामने आया है कि अंशिका सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी और उसने कई पुलिसकर्मियों से लेकर नेताओं तक के साथ रील और वीडियो बनाए थे। इन रील्स और वीडियो को भी पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया है। जिन लोगों के साथ वीडियो बनाए गए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी कि उनका अंशिका से संपर्क किस स्तर का था और किस उद्देश्य से था।



महराजगंज और गोरखपुर के लोग बने ठगी का शिकार



पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ठगी के शिकार ज्यादातर लोग महराजगंज और गोरखपुर जिले के ही हैं। पुलिस इन पीड़ितों से संपर्क कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्हें किस तरह से झांसे में लिया गया। फायरिंग कांड से पहले या बाद में उनसे कोई आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं।
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