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UP: पशुओं में फैल सकती है लंपी बीमारी, यूपी सरकार ने पशुपालकों को किया अलर्ट; जानें लक्षण और कहां करें संपर्क?
Sun, 16 Aug 2026 08:56 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Sun, 16 Aug 2026 08:56 AM IST
सार
लंपी स्किन डिजीज से बचाव को पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लक्षण दिखने पर तत्काल पशु चिकित्सा अधिकारियों को सूचित करने की अपील की। विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन 18001805141 पर भी सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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लंपी रोग से पीड़ित गाय। (सांकेतिक)
- फोटो : संवाद
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विस्तार
यूपी में पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं में लंपी स्किन डिजीज (LSD) के संभावित लक्षणों पर विशेष निगरानी रखें। संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। समय से रोग की पहचान और आवश्यक नियंत्रण उपायों से पशुधन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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विभाग के अनुसार, लंपी स्किन डिजीज के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, त्वचा पर गोल एवं कठोर गांठें, आंख एवं नाक से स्राव, अत्यधिक लार आना, भूख में कमी, शरीर एवं पैरों में सूजन, दूध उत्पादन में कमी, कमजोरी तथा चलने में कठिनाई शामिल हैं। यदि किसी पशु में इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो पशुपालक तत्काल प्रभावित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें। बिना पशु चिकित्सक की सलाह के किसी प्रकार का उपचार न करें।
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विभाग ने पशुपालकों से कहा है कि संदिग्ध पशु की सूचना अपने जनपद के विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) कार्यालय तथा नजदीकी पशु चिकित्सालय को तत्काल दें। इसके अतिरिक्त विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 18001805141 पर भी सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है।
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प्राप्त सूचना के आधार पर पशुपालन विभाग द्वारा जांच, उपचार एवं आवश्यक रोग नियंत्रण की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे पशुओं के स्वास्थ्य पर नियमित निगरानी रखें और रोग के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज न करें।