अयोध्या: शुरू हुई CEO चुनने की प्रक्रिया, आस्था के साथ धार्मिक नजरिए पर पूछे गए सवाल; पूर्व डीएम भी आवेदक
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर प्रशासन का पहला सीईओ चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को दस प्रतिभागियों के साक्षात्कार हुए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन 10 पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों का इंटरव्यू लिया गया। इनमें तीन पूर्व आईएएस, एक सेवानिवृत्त आईपीएस तथा चार पूर्व सैन्य व शिक्षा क्षेत्र के अधिकारी शामिल रहे। इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों से प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ राम मंदिर और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था, धार्मिक संस्थानों में कार्य का अनुभव तथा मंदिर के भविष्य को लेकर उनका विजन भी परखा गया। इंटरव्यू का क्रम बुधवार को भी जारी रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, इंटरव्यू राम मंदिर परिसर के उत्तरी दिशा में स्थित ग्रीन हाउस में बंद कमरे में शुरू हुआ। यहां बेहद गोपनीयता बरती गई। गठित समिति के तीनों सदस्य व इंटरव्यू के लिए बुलाए गए आवेदक ही मौजूद रहे। राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अंतरिम महासचिव डॉक्टर कृष्ण मोहन भी मौजूद रहे। इंटरव्यू सुबह नौ बजे शुरू हुआ। पहले सत्र में दोपहर 12 बजे तक और दूसरे सत्र में दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक साक्षात्कार लिया गया। प्रत्येक से 25 से 30 मिनट तक बात की गई।
उनसे पूछा गया कि उन्होंने किन-किन महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, धार्मिक या सामाजिक संस्थानों के संचालन का क्या अनुभव है, भगवान श्रीराम और राम मंदिर के प्रति उनकी आस्था कैसी है तथा यदि उन्हें सीईओ बनाया जाता है तो मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए उनकी कार्ययोजना क्या होगी। बतातें चलें कि इस प्रतिष्ठित पद के लिए देशभर से 5,300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 18 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। चयन प्रक्रिया के लिए गठित समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं, जो अभ्यर्थियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
महिला अधिकारी समेत अयोध्या के पूर्व डीएम का भी इंटरव्यू
सूत्रों के अनुसार पहले दिन जिन प्रमुख अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया, उनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में चर्चित राजेश पांडेय तथा जौनपुर के पूर्व जिलाधिकारी दिनेश चंद्र शामिल रहे। इसके अलावा अयोध्या के डीएम रहे योगेश्वर राम मिश्रा का भी साक्षात्कार हुआ। एक महिला अधिकारी का भी इंटरव्यू हुआ। पूर्व आईएएस और सैन्य पृष्ठभूमि के अन्य अधिकारियों ने भी साक्षात्कार दिया। हालांकि इसको लेकर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।
अंतिम साक्षात्कार करेगा राम मंदिर ट्रस्ट
सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों से सामान्य प्रशासन, वित्त, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था में कम से कम 20 वर्ष के अनुभव की जानकारी मांगी गई थी। सीईओ चयन के लिए 18 अभ्यर्थियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा, जिनका अंतिम इंटरव्यू श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा। ट्रस्ट की अंतिम स्वीकृति के बाद एक अभ्यर्थी को राम मंदिर का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए 50 से 70 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की है। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी, जिसे कार्य प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।