लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: अमर उजाला ने पहले ही चेताया था, झूठी पीठ थपथपाते रहे अफसर; लापरवाही लील गई 15 जिंदगियां
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: अमर उजाला ने अभियान चलाकर जिम्मेदारों की नींद तोड़ी थी। फिर भी दमकल विभाग के अधिकारी सिर्फ निरीक्षण करके अपनी पीठ थपथपाते रहे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राजधानी लखनऊ में अग्निकांड को लेकर अमर उजाला ने दमकल विभाग को चेताने के लिए दस जून से एक अभियान चलाया था। यह एक सप्ताह तक चला था। अभियान में बाजार, कोचिंग सेंटर, अस्पताल और हॉस्टल को शामिल किया गया। हैरत की बात तो यह है कि इतना कुछ होने के बाद भी दमकल विभाग सिर्फ निरीक्षण तक सीमित रहा है।
दिल्ली के मालवीय नगर में होटल कम गेस्ट हाउस में हुए अग्निकांड में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। ऐसी घटना लखनऊ में नहीं हो इसलिए अभियान की शुरुआत की। सिर्फ नोटिस के खेल तक सीमित रह चुके दमकल विभाग की थोड़ी नींद खुल गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल और उनके अंतर्गत आने वाले फायर स्टेशनों के एफएसओ ने करीब 450 रेस्टोरेंट, क्लब और होटलों का निरीक्षण किया। मगर विभाग को निरीक्षण में क्या खामियां मिलीं और उन्होंने इस पर क्या कार्रवाई की। यह कभी भी विभाग ने जारी नहीं किया।
दमकल विभाग भी सिर्फ फोटो जारी करता रहा
हद तो यह हो गई कि सीएफओ साहब सिर्फ नोटिस भेजने की कार्रवाई प्रचलित होने तक की बात तक सीमित रह गए। मगर कभी कोई कार्रवाई नहीं की। एफएसओ भी सिर्फ मॉक ड्रिल कराते और फोटो खिंचवाते रहे। दमकल विभाग भी सिर्फ फोटो जारी करता रहा। कार्रवाई धरातल पर शून्य रहीं। अगर, विभिन्न प्रतिष्ठानों को नोटिस भी देते तो विभाग वहीं, तक सीमित भी रहता। शायद दमकल विभाग को इसी तरह की घटना का इन्तजार था, जो आज घट भी गई। ऐसे में अगर अभी भी नींद नहीं टूटी तो शहर में इससे बड़ा हादसा होगा।
ये है पूरा मामला
अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई। कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
अलीगढ़ के पुरनिया स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप की दुकान है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई।
दूसरी-तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंसे रहे
बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए। वहीं कई झुलसे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।