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UP: "अमेरिका से एक शख्स कॉकरोच जनता पार्टी की बात करता है, याचिका यहां दाखिल हो रही", PIL निस्तारित
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 03 Jun 2026 10:29 AM IST
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सार
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने गलत अधिकारिता में याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अनुरोध पर याचिका को वापस लेने की अनुमति देकर सक्षम अधिकारिता वाली अदालत के समक्ष याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी है।
- फोटो : Freepik
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विस्तार
पुणे का एक शख्स, अमेरिका से कॉकरोच जनता पार्टी की बात कह रहा है और बंगलूरू का एक याचिकाकर्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसके खिलाफ पीआईएल दाखिल करने चला आया। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यह कहते हुए इस जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।
अदालत ने कहा, याचिकाकर्ता ने गलत अधिकारिता में याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अनुरोध पर याचिका को वापस लेने की अनुमति देकर सक्षम अधिकारिता वाली अदालत के समक्ष याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश बंगलुरू निवासी एस. विग्नेश शिशिर की पीआईएल पर दिया। याची ने केंद्र सरकार समेत 21 प्रतिवादियों के खिलाफ यह याचिका दायर की थी।
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हाईकोर्ट ने जल निगम के चीफ इंजीनियर के खिलाफ विजिलेंस जांच रोकी
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जल निगम ग्रामीण के चीफ इंजीनियर राम भवन राम के खिलाफ विजिलेंस जांच पर रोक लगा दी है। उनके खिलाफ अघोषित संपत्ति के संबंध में शिकायत हुई थी जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच बैठाई थी। न्यायालय ने चीफ इंजीनियर की याचिका पर पारित अपने अंतरिम आदेश में कहा कि मामले में विचार की आवश्यकता है। अदालत ने सरकार से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को नियत की है।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश चीफ इंजीनियर राम भवन राम की याचिका पर पारित किया है। याची ने सरकार के 24 नवंबर 2025 के विजिलेंस जांच के आदेश को चुनौती दी है। सुनवाई में सामने आया कि दो व्यक्तियों ने सरकार को शिकायत भेजकर याची पर भ्रष्टाचार से अकूत संपत्ति बनाने व महल जैसे आलीशान घर में रहने की बात कहते हुए, जांच की मांग की थी। याची की ओर से दलील दी गई कि ऐसी ही शिकायतों पर पूर्व में भी एक जांच हो चुकी है और उसे निर्दोष पाया गया था फिर नई जांच सिर्फ उसे प्रताड़ित करने के लिए की जा रही है।