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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ram Temple: The darshan system will be completely overhauled following the theft of offerings. Who will be the

राम मंदिर: चढ़ावा चोरी के बाद पूरी तरह से बदल जाएगी दर्शन की व्यवस्था, कौन बनेगा नया सीईओ? पास में भी बदलाव

Fri, 10 Jul 2026 11:37 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 10 Jul 2026 11:37 AM IST
सार

 Ram Mandir offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला प्रकाश में आने के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं में कई बदलाव हुए हैं। इसमें दर्शन से लेकर दान की गिनती तक शामिल है। 

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Ram Temple: The darshan system will be completely overhauled following the theft of offerings. Who will be the
राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 22 जुलाई के बाद राम मंदिर की व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव लागू करने की तैयारी में है। दर्शन व्यवस्था, राग-भोग, पूजा-पद्धति, श्रद्धालु सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए ट्रस्ट नए सिरे से मंथन कर रहा है। इसके लिए अयोध्या के संतों और रामानंदीय परंपरा के विद्वानों के सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है।

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सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की 22 जुलाई को प्रस्तावित बैठक के बाद नई व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है। बैठक में ट्रस्ट के नए महासचिव व रिक्त पदों पर नए सदस्यों का चयन किया जाना लगभग तय है। हाल के घटनाक्रमों के बाद ट्रस्ट मंदिर की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के पक्ष में है। इसी क्रम में पूजा-पद्धति को रामानंदीय परंपरा के अनुरूप और व्यवस्थित करने, राग-भोग की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कई बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम, चढ़ावा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और मंदिर की प्रशासनिक प्रणाली को आधुनिक एवं जवाबदेह बनाना है। इसके साथ ही सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सेवा व्यवस्था में भी आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
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ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने भी संकेत दिए हैं कि संत समाज के सुझावों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संतों की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि राम मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आदर्श, अनुशासित और पारदर्शी व्यवस्था का उदाहरण बन सके।

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चढ़ावा प्रबंधन अब और सुरक्षित, जल्द होगी नए सीईओ की नियुक्ति

 श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की नई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हालिया बदलावों के बाद पहले जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना नहीं है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सावधानियां बरती गई हैं और नई व्यवस्था से चढ़ावा प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी होगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट में जल्द ही नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ की नियुक्ति होगी। उनके अनुसार, नए सीईओ के कार्यभार संभालने के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सम्मान का केंद्र है तथा ट्रस्ट इसी भावना के अनुरूप व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोषाध्यक्ष ने अयोध्या के संतों से भी मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि संत समाज ट्रस्ट के हालिया निर्णयों से संतुष्ट है। हालांकि संतों ने पूजा-पद्धति और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं, जिन पर ट्रस्ट गंभीरता से कार्य कर रहा है। गोविंददेव गिरि पांच जुलाई की शाम अयोध्या पहुंचे थे। चार दिनों तक अयोध्या प्रवास के बाद वे बृहस्पतिवार की सुबह महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए हैं।

चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ, उनके मन में आक्रोश नहीं

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राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी। - फोटो : amar ujala

कोषाध्यक्ष ने बताया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ हैं और ट्रस्ट की नई व्यवस्थाओं एवं निर्णयों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंपत राय के मन में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं है और वह अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में भारत माता की सेवा के लिए समर्पित हैं। गोविंददेव गिरी ने बताया कि उन्होंने चंपत राय से विस्तार से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, मंदिर की व्यवस्थाओं और हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने ट्रस्ट के निर्णयों पर पूरा विश्वास व्यक्त किया है।

मुख्य अभियंता के हाथ अब बैंक खातों की भी जिम्मेदारी

 श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब वित्तीय व्यवस्था भी नए सिरे से तय की गई है। ट्रस्ट ने अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन के साथ राम मंदिर के मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय को विभिन्न बैंक खातों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के बाद सबसे अधिक चर्चा मुख्य अभियंता जगदीश आफले की भूमिका को लेकर हो रही है।

जगदीश आफले पेशे से वरिष्ठ सिविल इंजीनियर हैं और राम मंदिर निर्माण परियोजना की शुरुआत से ही उससे जुड़े रहे हैं। उन्होंने आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा, सीमेंस और बजाज ऑटो जैसी कंपनियों में काम करने का अनुभव रखते हैं। पांच अगस्त 2020 के भूमि पूजन के बाद से वह अयोध्या में रहकर मंदिर निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अब पहली बार उन्हें ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण और तकनीकी कार्यों से जुड़े अधिकारी को वित्तीय संचालन में शामिल करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस निर्णय के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

वहीं, सीए चंदन राय लंबे समय से ट्रस्ट के लेखा-जोखा और वित्तीय मामलों से जुड़े हैं, इसलिए उनकी भूमिका स्वाभाविक मानी जा रही है। लेकिन मुख्य अभियंता को भी बैंक खातों के संचालन का अधिकार दिए जाने को ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इसके साथ ही यह सवाल भी चर्चा में है कि जब ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी मौजूद हैं, तो बैंक खातों के संचालन के लिए अलग से नई व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी। फिलहाल ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

अब दिनेंद्र दास की आईडी से भी बनेंगे वीईपी दर्शन पास

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की दर्शन व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की वीआईपी एवं सुगम दर्शन पास जारी करने वाली सिस्टम आईडी निष्क्रिय कर दी है। वहीं, राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का अधिकार बढ़ाते हुए उनके नाम से आईडी जनरेट कर दी गई है। अब उनकी आईडी से पास जारी किए जा सकेंगे।

सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में दो प्रकार के पास जारी किए जाते हैं। सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन पास। इसके लिए ट्रस्टियों और अधिकृत पदाधिकारियों के नाम से सिस्टम में अलग-अलग आईडी बनाई गई है। संबंधित पदाधिकारी की संस्तुति पर श्रद्धालुओं के लिए पास जारी किए जाते थे। हाल के घटनाक्रमों के बाद ट्रस्ट ने पास जारी करने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए तीन ऐसी आईडी बंद कर दी हैं, जिनसे सबसे अधिक पास जारी हुए थे। अब ट्रस्ट से बाहर होने के बाद चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की संस्तुति पर किसी भी प्रकार का सुगम या विशिष्ट दर्शन पास जारी नहीं किया जाएगा।

सूत्रों का दावा है कि चढ़ावा प्रकरण में आरोपी टिन्नू यादव ने इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए बड़ी संख्या में पास जारी करवाए थे। जांच एजेंसियां इस पूरे सिस्टम की भी पड़ताल कर रही हैं। कुछ लोगों पर इन आईडी के माध्यम से पास जारी कराने के नाम पर अवैध लाभ लेने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

राम मंदिर प्रकरण पर विहिप की नजर, शीर्ष नेतृत्व ने अयोध्या में डाला डेरा

 राम मंदिर में चढ़ावा राशि प्रकरण और ट्रस्ट में चल रहे प्रशासनिक बदलावों के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा पिछले करीब एक सप्ताह से अयोध्या में डेरा डाले हुए हैं। इस दौरान उन्होंने बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि से बंद कमरे में मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच ट्रस्ट की वर्तमान स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्था और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट में महासचिव पद को लेकर भी मंथन जारी है। ऐसे में बांगड़ा की कोषाध्यक्ष से मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके नए महासचिव बनाए जाने की भी चर्चा है। इधर, अयोध्या में विहिप का पूरा केंद्रीय नेतृत्व सक्रिय दिखाई दे रहा है। केंद्रीय संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर, सुदर्शन और क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह भी अयोध्या में मौजूद हैं। बृहस्पतिवार को कारसेवकपुरम में इन वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक गोपनीय बैठक हुई, जिसमें राम मंदिर प्रकरण, ट्रस्ट की नई व्यवस्थाओं और संगठन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रमों पर विहिप लगातार नजर बनाए हुए है और शीर्ष नेतृत्व स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहा है। आने वाले दिनों में ट्रस्ट से जुड़े अहम निर्णयों से पहले विहिप की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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