यूपी: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं- बाहर से आने वाला खाना बढ़ा रहा है नशे की गतिविधियां, विवि लगाएं लगाम
Anandiben Patel: यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विवि में बाहर से ऑनलाइन खाना आने पर सवाल उठाया है। साथ ही उन्होंने इसको लेकर सुझाव भी दिए हैं।
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वे राज्य विश्वविद्यालयों के साथ बृहस्पतिवार को जनभवन में ऑनलाइन बैठक कर रहीं थीं। राज्यपाल ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालयों में अग्निशमन उपकरण एक्सपायर हो चुके हैं, उन्हें तत्काल बदला जाए। जिन विश्वविद्यालयों में वाई-फाई नहीं है व उसकी गति पर्याप्त नहीं है, वहां आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने विश्वविद्यालयों में बढ़ती पुरस्कारों की संख्या की समीक्षा करने के निर्देश दिया कि पुरस्कारों की गुणवत्ता व उपयोगिता पर भी ध्यान दिया जाए।
उन्होंने 2 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत होने वाले वर्चुअल संवाद में विश्वविद्यालयों की सहभागिता की चर्चा की। यह भी बताया कि अभियान में निजी विश्वविद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
अभियान के अंतर्गत 2 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के लगभग 10 हजार स्थानों से वर्चुअली जुड़े एक करोड़ से अधिक युवाओं से संवाद करेंगे। राज्यपाल ने सभी को युवाओं के माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने, नशा मुक्ति संकल्प दिलाने तथा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।
उन्होंने हाल में केंद्रीय गृह सचिव व स्कूल शिक्षा सचिव द्वारा जारी निर्देश के क्रम में आगामी तीन वर्षों के लिए हर विश्वविद्यालय व विद्यालय द्वारा नशा मुक्ति अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों व छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में ऐसा वातावरण विकसित करें कि विद्यार्थियों में नशे का नहीं बल्कि स्वच्छता का नशा हो।
दीक्षांत समारोह नहीं दीक्षोत्सव कहिए
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के जीवन का उत्सव होता है। इसलिए इसे अब दीक्षांत समारोह के स्थान पर दीक्षोत्सव कहा जाना चाहिए। उन्होंने हर विश्वविद्यालय को अपने परिसर में उपलब्ध भूमि के अनुसार एक से लेकर 5 एकड़ तक मियावाकी वन विकसित करने व व्यापक पौधरोपण करने के निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, सचिव उच्च शिक्षा अमृत त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ. पंकज एल जानी तथा प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति व अन्य अधिकारी वर्चुअल शामिल हुए।
विश्वविद्यालयों की जांच में मिल रहे नशे के सुबूत, राज्यपाल ने जताई चिंता
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वर्तमान में राज्य विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह चल रहे हैं। समारोह से पहले होने वाले सुरक्षा निरीक्षण में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल सहित कई गंभीर कमियां सामने आती हैं। इसको लेकर राज्यपाल ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक परिसरों को हर हाल में नशामुक्त बनाना होगा। इसके लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भी बराबर जिम्मेदारी है।
जनभवन में बृहस्पतिवार को पुलिस विभाग, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से आयोजित नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान में राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा नशे से दूर रहेंगे। दूसरों को नशा छोड़ने की सलाह देने से पहले हर व्यक्ति को स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाना होगा। उन्होंने शिक्षकों से नशामुक्ति अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जनभवन के पांच कर्मचारियों को नशा त्यागने के संकल्प पर प्रमाण-पत्र दिए गए, जबकि जनभवन आदर्श माध्यमिक विद्यालय के पांच विद्यार्थियों को ''नशा मुक्ति प्रहरी'' के रूप में सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई।