पटना के गंगा पथ (मेरिन ड्राइव) पर आयोजित 68वीं नेशनल स्कूल गेम्स साइक्लिंग (रोड) चैम्पियनशिप 2024-25 का भव्य समापन 24 जनवरी 2025 को हुआ। इस प्रतियोगिता में बिहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात मेडल अपने नाम किए, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है, बल्कि साइक्लिंग में नई उम्मीदें जगाने वाली भी है।
Bihar News: नेशनल स्कूल साइक्लिंग चैम्पियनशिप में बिहार का ऐतिहासिक प्रदर्शन, सात मेडल जीतकर रचा इतिहास
Patna News: खेल विभाग के निदेशक महेन्द्र कुमार ने कहा कि बिहार का यह प्रदर्शन राज्य की खेल संस्कृति के विकास का प्रतीक है। युवा खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि सही दिशा और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
राजस्थान ने मारी बाजी, बिहार चौथे स्थान पर
तीन दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में देशभर के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 700 खिलाड़ी और प्रशिक्षक शामिल हुए। कुल 51 पॉइंट्स के साथ राजस्थान ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि 31 पॉइंट्स के साथ महाराष्ट्र दूसरे और 17 पॉइंट्स के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा। बिहार ने 15 पॉइंट्स के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
बिहार की बेटियों ने दिखाया दम
बिहार के सात मेडल में से पांच मेडल बेटियों ने जीतकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। इससे पहले, 2011 में बिहार को केवल एक मेडल ही मिला था। यह प्रदर्शन राज्य की खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।
तीसरे दिन की रोमांचक स्पर्धाओं के नतीजे
चैम्पियनशिप के अंतिम दिन कई आयु वर्गों में बालक और बालिका श्रेणियों की रोमांचक रेस आयोजित की गई।
- बालिका अंडर-17 (20 किमी मास स्टार्ट): महाराष्ट्र की गायत्री चन्द्रशेखर ने प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी साथी आभा श्रीराम सोमन दूसरे और तमिलनाडु की हशानी के ने तीसरा स्थान पाया।
- अंडर-14 बालिका (15 किमी): हरियाणा के दीपांशु पहले, राजस्थान के धर्माराम शरण दूसरे और बिहार के ऋतिक कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
- अंडर-19 बालक (45 किमी रेस): महाराष्ट्र के हरीश दीपक डोबाली ने स्वर्ण पदक जीता। उनके साथी निहाल मुसा नदाफ दूसरे और कर्नाटक के विरपा नावेली तीसरे स्थान पर रहे।
खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
समापन समारोह में मुख्य अतिथि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक और विशिष्ट अतिथि खेल विभाग के निदेशक महेन्द्र कुमार ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार का यह प्रदर्शन राज्य की खेल संस्कृति के विकास का प्रतीक है। युवा खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि सही दिशा और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।