गोरखपुर में एक युवा जिंदगी को लील लाने वाले जगन्नाथपुर के जर्जर मकान की तरह ही शहर में 136 मकान और हैं। नगर निगम इन मकानों को खतरनाक मानते हुए खाली करने का नोटिस दे चुका है, लेकिन इनमें सैकड़ों की संख्या में लोग रह रहे हैं। बारिश तो क्या सामान्य मौसम में भी इनकी जिंदगी दांव पर लगी रहती है।
गोरखपुर: जर्जर भवनों में रहने वालों की हर पल दांव पर जिंदगी, 136 मकान घोषित हो चुके हैं खतरनाक
नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने कहा कि ज्यादातर जर्जर मकानों में किराएदारी का विवाद है। मामला कोर्ट में है इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते हैं। एक बार फिर अभियान चलाकर जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाएगा। इनमें रहने वालों को मकान खाली करने का नोटिस दिया जाएगा।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में सबसे ज्यादा जर्जर भवन तिवारीपुर और माधोपुर इलाके में हैं। ज्यादातर मकानों की दीवारों और छतों से प्लास्टर झड़ चुका है। कई भवनों की रेलिंग टूट चुकी है। बारिश के दौरान पानी टपकता है। इन मकानों को नगर निगम के अवर अभियंताओं ने क्षेत्र में सर्वे के आधार पर जर्जर घोषित किया है।
नगर निगम की ओर से मकान मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में मकान जर्जर होने का हवाला देकर खाली करने और गिराने के निर्देश हैं। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
किरायेदारी का विवाद ज्यादा
मियां बाजार के मकान नंबर सी-116/409 को चंदा नामक महिला ने वर्ष 2013 में खरीदा था। जर्जर होने की वजह से चंदा ने नगर निगम को सूचना दी। निगम की टीम तीन बार मकान गिराने पहुंची, लेकिन एक किराएदार कार्रवाई नहीं होने दे रहा है। ज्यादातर जर्जर मकानों को इस कारण नहीं गिराया जा पा रहा है, क्योंकि किराएदारी का विवाद है। मामला कोर्ट में चल रहा है।
दो तरह से होता है सर्वे
जर्जर मकानों का सर्वे दो तरह से होता है। जिन जर्जर मकान के अचानक गिरने से उसमें और आसपास रहने वाले नागरिकों के जीवन पर संकट होता है, उसे नगर निगम अत्यधिक संवेदनशील की श्रेणी में रखता है। जिस मकान के गिरने से उसमें रहने वालों को खतरा होता, उसे संवेदनशील की श्रेणी में रखा जाता है। इन मकानों के स्वामियों को खतरे से आगाह कराया जाता है।
- धर्मशाला बाजार - 02
- दीवान बाजार - 04
- गिरधरगंज - 01
- इस्माइलपुर - 02
- छोटे काजीपुर - 01
- रायगंज रोड - 01
- बसंतपुर - 02
- चकसा हुसैन - 09
- भरटोलिया - 01
- हांसूपुर - 01
- दीवान दयाराम- 01
- जंगल तुलसीराम - 01
- अयोध्या टोला - 01
- मानबेला - 03
- बंगला टोला - 01
- सुड़िया कुआं - 02
- चरगांवा - 01
- भेड़ियागढ़ - 05
- सूरजकुंड - 13
- रसूलपुर - 03
- अलहदादपुर - 03
- माधोपुर - 43
- तिवारीपुर - 27
- गोरखनाथ - 01
- दिलेजाकपुर - 01
- मोहद्दीपुर - 01
- असकरगंज - 01
- दाउदपुर - 01
- मिर्जापुर - 01
नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने कहा कि ज्यादातर जर्जर मकानों में किराएदारी का विवाद है। मामला कोर्ट में है इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते हैं। एक बार फिर अभियान चलाकर जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाएगा। इनमें रहने वालों को मकान खाली करने का नोटिस दिया जाएगा।