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बस्ती-गोरखपुर मंडल में आफत की बाढ़: डरा रहा है राप्ती, रोहिन और सरयू नदियों का जलस्तर, 750 गांवों की पांच लाख से अधिक आबादी प्रभावित
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 02 Sep 2021 01:24 PM IST
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गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
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बस्ती-गोरखपुर मंडल के सातों जिलों में बाढ़ का कहर कम नहीं हो रहा है। दोनों मंडलों में सबसे अधिक प्रभावित जिले सिद्धार्थनगर, महराजगंज, देवरिया और गोरखपुर हैं। इन जिलों से बहने वाली राप्ती, रोहिन, गोर्रा, छोटी गंडक और सरयू नदियां खतरे के निशान से सवा दो मीटर तक ऊपर बह रही हैं। कुआनो और आमी नदियों का पानी कई गांवों तक फैल गया है। सबसे अधिक डरा राप्ती, रोहिन और सरयू नदियां रही हैं। गोरखपुर में राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोग 1998 जैसी बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। बांधों में रिसाव होने से लोगों का डर और बढ़ गया है। एक अनुमान के अनुसार, गोरखपुर-बस्ती मंडल के 750 गांवों की पांच लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है। जबकि हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है।
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गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर कौड़ीराम के पास बगहाबीर बाबा के नजदीक आमी नदी का पानी दो तरफ से भर गया है। वहीं, गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर चिउटहा के पास सड़क पर रोहिन नदी का पानी आ जाने से एक लेन को बंद करना पड़ा है।
सिद्धार्थनगर जिले के 317 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 115 गांव मैरूंड हो गए हैं। बाढ़ से प्रभावित गांवों की 1.41 लाख आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 20 हजार एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है।
सिद्धार्थनगर जिले के 317 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 115 गांव मैरूंड हो गए हैं। बाढ़ से प्रभावित गांवों की 1.41 लाख आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 20 हजार एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है।
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गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
महराजगंज जिले में राप्ती और रोहिन नदियां खतरे के निशान से ऊ पर बह रही हैं। जबकि गंडक, चंदन, महाव और प्यास नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है। देवरिया जिले की चारों नदियां सरयू, राप्ती, गोर्रा, छोटी गंडक खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों से सटे गांवों एवं बंधों पर तकरीबन बीस से अधिक स्थानों पर रिसाव होने से करीब 200 गांवों के लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
जिले में अलग-अलग इलाकों के तकरीबन 70 राजस्व गांव नदी, नालों और बारिश के पानी से घिरे हैं। कुशीनगर के खड्डा तहसील क्षेत्र के सात और तमकुहीराज के दो गांव गंडक नदी की बाढ़ की चपेट में हैं। बस्ती जिले के नगर बाजार क्षेत्र में कुआनो नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांवों के घरों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। लोग परिवार व मवेशियों को लेकर दूसरी जगह जाने लगे हैं। संतकबीरनगर जिले की मेंहदावल और धनघटा तहसील बाढ़ से प्रभावित है।
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गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
नीचे आ रहा रोहिन का जलस्तर
राहत की बात है कि रोहिन नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। बावजूद इसके वह खतरे के निशान से 2.28 मीटर ऊपर बह रही है। घाघरा नदी का पानी कम हुआ है। हालांकि खतरे के निशान से 46 सेमी ऊपर बह रही है। गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 सेमी ऊपर बह रही है। कुआनो ने खतरे के निशान को पार नहीं किया है।
राहत की बात है कि रोहिन नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। बावजूद इसके वह खतरे के निशान से 2.28 मीटर ऊपर बह रही है। घाघरा नदी का पानी कम हुआ है। हालांकि खतरे के निशान से 46 सेमी ऊपर बह रही है। गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 सेमी ऊपर बह रही है। कुआनो ने खतरे के निशान को पार नहीं किया है।

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