सीएम योगी बोले-यूपी में तीन महिला पीएसी वाहिनी बनेंगी, घटना से पहले पहचान लेंगे अपराधी
इसके पूर्व अपर सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान सांसद रवि किशन, नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, मेयर सीताराम जायसवाल, विधायक विपिन सिंह, संत प्रसाद आदि मौजूद रहे।
पुलिस की ट्रेनिंग के लिए रिफ्रेशर कोर्स
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक से पुलिस को रूबरू कराने के लिए समय समय पर पुलिस कर्मियों के लिए रिफ्रेशर कोर्स कराया जाएगा, ताकि वो अपराध के बदलते ट्रेंड से अच्छी तरह से वाकिफ हो सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। हर पुलिस लाइंस में कम से कम 200 से 300 पुलिस कांस्टेबल और 50 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बैरक की व्यवस्था की जाएगी। थाने में भी पुलिस, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के लिए बैरक की व्यवस्था और आवासीय सुविधा थाना क्षेत्र में और चौकी स्तर पर की जा रही है।
2021 में खाद कारखाना की होगी भव्य शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल के अंत तक खाद कारखाना बन कर तैयार हो जाएगा। 2021 में इसका उद्घाटन होगा। खाद कारखाना की अपनी टाउनशिप तो होगी ही, उस वक्त तक महिला पीएसी बटालियन, एसएसबी और पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की भी टाउनशिप तैयार हो जाएगी।
घटना को अंजाम देने से पहले ही पहचान लिए जाएंगे अपराधी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की पद्धति और एसएसबी की तकनीक में समन्वय होने पर बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद कारखाना में एक केंद्र की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक आज के समय की जरूरत है। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि घटना को अंजाम देने से पहले ही अपराधी पहचान लिए जाएंगे। जैसे ही वे क्षेत्र में आएंगे, पुलिस को सूचना मिल जाएगी। फिर उन्हें पकड़ लिया जाएगा। इससे वारदात को होने से रोका जा सकेगा।
बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी केंद्र की मदद से पुलिस को ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार पुलिस के रिक्रूट की ट्रेनिंग के लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और अन्य राज्यों के ट्रेनिंग केंद्रों की सहायता ली गई। इसके जरिए समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी ईमानदारी के साथ अब तक 85 हजार की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कर चुके हैं। शेष भर्ती प्रक्रिया को बहुत जल्द पूरी कर लेंगे। पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता को 6 हजार से बढ़ाकर 12 हजार किया गया।
पिछली सरकारों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ किया खिलवाड़
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया। 2017 में जब भाजपा सत्ता में आई तो उस समय पुलिस में डेढ़ लाख पद खाली थे। पीएसी की 54 कंपनियां समाप्त कर दी गई थीं। अब प्रदेश में 54 वाहिनियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। साथ ही इस बात की कोशिश है कि इसमें महिलाओं की न्यूनतम 20 प्रतिशत भागीदारी हो।
महिला पीएसी बटालियन भवन पर 397 करोड़ होंगे खर्च
गोरखपुर में महिला पीएसी बटालियन पर 397 करोड़ और पुलिस ट्रेनिंग सेंटर भवन पर 165 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीएसी महिला बटालियन भवन कई अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें प्रशासनिक ब्लाक, क्वार्टर गार्ड, क्वार्टर मास्टर स्टोर एमटी ऑफि स, 15 गैराज, मनोरंजन कक्ष, स्वागत हाल, अस्पताल भवन, 200 महिला जवानों के लिए बैरक और 252 के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, सभागार और गजटेड गेस्ट हाउस का निर्माण होगा। इसी तरह नान गजटेड 10 अतिथि कक्ष, सामुदायिक केंद्र, रेडियो ब्रांच ऑफिस, जिम हॉल, दो कैंटीन, गैस गोदाम, भोजनालय, 36 बाथरूम, 800 लोगों की क्षमता का मल्टीपरपज शेड, स्वीमिंग पूल, पुस्तकालय भवन, विद्युत सब स्टेशन भी इस परिसर का हिस्सा होंगे। वहीं पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के आवासीय भवन पर 43 करोड़ जबकि अनावासीय भवन के निर्माण पर 122 करोड़ खर्च होंगे। दोनों परियोजनाओं के लिए जिला प्रशासन की ओर से 54.56 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
