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हैवानियत: पिता की हत्या देखकर मां की गोद में छिप गया था मासूम, हत्यारन ने बेटे को भी दी रूह कंपा देने वाली मौत
Sun, 20 Jun 2021 06:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 20 Jun 2021 06:14 PM IST
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अर्चना यादव और पुलिस के गिरफ्त में प्रेमी अजय यादव। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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आज हम आपको उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की एक ऐसी सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। यहां एक महिला पांच साल पहले अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले अपने पति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इससे भी मन नहीं भरा तो उसने अपने एकलौते बेटे को मौत की नींद सुला दिया था।
अर्चना यादव।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
पति को शक होने के बाद घटना की रात अजय वहां पहुंचा। अर्चना ने दरवाजा खोला फिर अजय घर के अंदर दाखिल हुआ। दोनों ने मिलकर घर में सो रहे ओमप्रकाश की हथौड़े से मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दौरान बेटा नितिन जग गया। वह पिता को खून से लथपथ देख मां की गोद में छिप गया। लेकिन अर्चना ने उसका भी गला घोंटकर मार डाला। तभी से अर्चना और उसका प्रेमी अजय जेल में हैं। इनकी जमानत भी नहीं हुई।
अपने पति और बेटे के साथ अर्चना यादव।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
साक्ष्य के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश शुक्ला ने 17 अक्तूबर 2020 को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी और आर्थिक जुर्माना भी लगाया था। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भी दी गई है।
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पुलिस के गिरफ्त में अजय यादव।
- फोटो : अमर उजाला।
पछतावा नहीं, जेल में भी एक-दूसरे से मिलने की देते रहे अर्जी
इस घिनौने कृत्य के बाद भी अर्चना और अजय को कोई पछतावा नहीं है। दोनों ने जेल में भी एक-दूसरे से मुलाकात करने के लिए कई बार अर्जी दी, लेकिन कानूनन दोनों के बीच कोई रिश्ता न होने के कारण कभी अनुमति नहीं दी गई।
इस घिनौने कृत्य के बाद भी अर्चना और अजय को कोई पछतावा नहीं है। दोनों ने जेल में भी एक-दूसरे से मुलाकात करने के लिए कई बार अर्जी दी, लेकिन कानूनन दोनों के बीच कोई रिश्ता न होने के कारण कभी अनुमति नहीं दी गई।
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पति और मासूम बेटे की हत्या में अर्चना और उसके प्रेमी को उम्रकैद हो चुकी है।
- फोटो : अमर उजाला।
अंधे प्रेम में बन बैठे हत्यारे, एक-दूसरे के भी न हो सके
अर्चना और अजय जिस झूठे प्रेम में पड़कर कातिल तक बन गए, वह अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा। वारदात के चार साल बाद तक जेल में होने के कारण दोनों की कभी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं अब बाकी बचा जीवन भी जेल में गुजरना है। कोई रिश्ता न होने के कारण दोनों को मिलने की इजाजत कानून भी नहीं देता है।
अर्चना और अजय जिस झूठे प्रेम में पड़कर कातिल तक बन गए, वह अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा। वारदात के चार साल बाद तक जेल में होने के कारण दोनों की कभी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं अब बाकी बचा जीवन भी जेल में गुजरना है। कोई रिश्ता न होने के कारण दोनों को मिलने की इजाजत कानून भी नहीं देता है।