गोरखपुर में शनिवार और रविवार को लॉकडाउन की पाबंदी के बाद सोमवार को जब आजादी मिली तो सड़कों से लेकर बाजार तक चहल-पहल बढ़ गई। दिन भर लोग सोमवारी जाम से जूझते रहे। पैडलेगंज से लेकर छात्रसंघ चौराहा, आंबेडकर चौक से फिराक चौराहा, मोहद्दीपुर, सिनेमा रोड, बैंक रोड, असुरन, धर्मशाला पुल, गोलघर, रेती रोड, अलीनगर, साहबगंज मंडी रोड समेत कई सड़कों पर रह-रहकर पूरे दिन जाम लगता रहा और लोग चिलचिलाती धूप में घंटों फंसे रहे।
गोरखपुर में लॉकडाउन खुलते ही गुलजार हुए बाजार, वीडियो में देखें सड़कों पर पूरे दिन रहा जाम
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वहीं अब शासन की तरफ से लगाए गए दो दिवसीय लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन की पाबंदी को छोड़ पूरे शहर के बाजार, दुकान खोलने की अनुमति से संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। थानावार लॉकडाउन की व्यवस्था खत्म होने के बाद रोजाना 250 से अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। शहर में जगह-जगह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं।
प्रशासन और पुलिस के अफसर भी अब पहले की तरह प्रमुख बाजारों, दुकानों पर जाकर सोशल डिस्टेंसिंग नहीं जांच रहे तो लोग भी बेपरवाह हो गए हैं। भालोटिया मार्केट, गोलघर, महेवा सब्जी मंडी और साहबगंज समेत कई प्रमुख बाजारों की दुकानों पर भीड़ दिख रही है।
चेतना तिराहा, घोषकंपनी, बेतियाहाता समेत कुछ ही चौराहों पर सिर्फ पुलिस मास्क की जांच कर रही है। बाकी जगहों पर लोग बिना मास्क के बेरोकटोक पैदल या फिर गाड़ियों से फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं।
डीएम के विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है ऐसे में इस महामारी से बचने के लिए खुद भी सतर्क रहना बहुत जरूरी है। प्रशासन और पुलिस तो जांच कर ही रही है मगर जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे संक्रमण से बच नहीं सकेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। अगर निकलें भी तो मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करें। सर्दी, खांसी, बुखार, खाने में स्वाद न आने जैसी किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल कोविड-19 की जांच कराएं। उन्होंने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र और पहले से बीमार लोगों को यह जांच करानी जरूरी है।