पांच माह के कोरोना काल में महराजगंज जिले में बहुत कुछ बदल गया है। विपरित हालात में लोगों ने लड़ना सीखा। वहीं प्रशासन की ओर से संसाधनों को मजबूत कर लोगों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। 23 मार्च को लॉकडाउन हुआ तो सब कुछ ठहर गया। जिंदगी घरो में कैंद होकर रह गई। इसके बाद विपरित हालात से जूझते हुए लोगों का जनजीवन सामान्य हुआ। लेकिन इतने अंतराल में रहन-सहन, खान-पान, मिलने-जुलने, आने-जाने समेत अन्य दिनचर्या एकदम बदल गई।
पांच महीने के कोरोना काल में इतना बदल गया महराजगंज, तस्वीरें देखकर नहीं होगा यकीन
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अब बदला गया सक्सेना चौक का नजरा
महराजगंज शहर में 23 मार्च से पहले भीड़ हुआ करती थी। सक्सेना चौक पर दुकानों पर लोग ज्यादा दिखते थे। अक्सर यहां लोगों को जाम से जूझना पड़ता था। उपेंद्र जायसवाल कहते हैं कि अब तो सड़क पर ज्यादा भीड़ नहीं दिखती है। लोग जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलते हैं। कोरोना से दिनचर्या अब पूरी तरह से बदल गई है। मास्क लगाना और सैनिटाइजर का प्रयोग करना अब तो दिनचर्या में शामिल हो गया है।
दुर्गा मंदिर पर दूर से दर्शन करते श्रद्धालु
शहर का दुर्गा मंदिर कभी श्रद्धालुओं से गुलजार हुआ करता था। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा का दर्शन करने के लिए आते थे। लेकिन अब यहां श्रद्धालु दूर से ही पूजापाठ कर चले जाते हैं। मंदिर के बाहर बल्ली लगाकर घेरा गया है। अनूप टिवड़ेवाल ने बताया कि कोरोना काल से पहले मां का दर्शन करने के लिए मंदिर में अंदर प्रवेश करता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। दूर से दर्शन करना पड़ता है।
अस्तपाल की ओपीडी में नहीं दिखते मरीज
कोरोना से एक सबसे बड़ा बदलाव आया है। लॉकडाउन के पहले जहां अस्पताल की ओपीडी में भीड़ उमड़ती थी। वह भीड़ अब नहीं दिखती है। छोटी मोटी बीमारियों से लड़ने के लिए लोग अब स्वयं सक्षम हैं। घर पर घरेलू उपचार कर लोग अब स्वास्थ्य के प्रति ध्यान देने लगे हैं। व्यवसायी आत्माराम गुप्त कहते हैं कि पहले हल्की तबीयत खराब होती थी, तो लोग सीधे अस्पताल पहुंचते थे। अब वैसी बात नहीं है। अब तो गंभीर होने पर ही लोग डॉक्टर के पास जाते हैं।
बस में बैठने के लिए नहीं रहती होड़
महराजगंज शहर के बस स्टेशन पर गुजरे वक्त में बस में बैठने के लिए होड़ लगी रहती थी। बसे भी यात्रियों से खचाखच भर जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। यहां भी ज्यादा बदलाव आया है। बस में बैठने के लिए अब लोग स्वयं ही दूरी बनाकर रहते हैं। स्टेशन प्रभारी केपी नायक ने बताया कि अब तो सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस को सैनिटाइज किया जाता है। स्टेशन पर यात्रियों के लिए आटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन लगाया गया है। साथ ही छह रुपये में मास्क यात्रियों के लिए उपलब्ध है।