आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी होने के बावजूद जानकारी के अभाव में शुक्रवार को बीमार पत्नी इलाज के लिए ठेले पर लाद कर अस्पतालों में भटक रहे बुजुर्ग की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी के आदेश पर शनिवार को कैंपियरगंज प्रभारी भगवानदास एंबुलेंस लेकर बीमार के घर पहुंचे। पीड़ित को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में महिला के बेटे के अनुरोध पर उन्हें सदर अस्पताल से शाही ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां निदेशक डॉ. एसएस शाही ने इलाज शुरू किया।
बीमार बुजुर्ग महिला की मदद को बढ़े हाथ कई हाथ, ठेले पर पति के साथ तस्वीर हुई थी वायरल
कैपियरगंज क्षेत्र के महावनखोर मलिन बस्ती निवासी रामकेवल (66) शुक्रवार को बीमार पत्नी कैलाशी को इलाज के लिए ठेले पर लाद कर गांव से करीब आठ किमी दूर पीपीगंज पीएचसी पहुंचे थे। पीएचसी में महिला चिकित्सक व अन्य स्टाफ नदारद था, काफी देर इंतजार करने के बाद वह पत्नी को एक निजी अस्पताल ले गए। निजी अस्पताल ने इंपैनल न होने की बात कहकर महिला का इलाज करने से इनकार कर दिया था। पति पत्नी को ठेले पर लाद कर लौट गए थे। अमर उजाला ने रामकेवल की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के साथ गांव के अन्य लोग भी उनकी मदद को आगे आए।
शनिवार सुबह महावन खोर के निखिल मिश्रा (बमबम बाबा) और पीपीगंज के पंकज तिवारी पीड़ित के घर पहुंचे और बुजुर्ग महिला को ऑटो पर लाद कर गोरखपुर ले जा रहे थे। इसी दौरान महावन खोर चौराहे पर दो 108 एंबुलेंस भी आ गईं। पीपीगंज स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने बातचीत कर महिला को सरकारी एंबुलेेंस में शिफ्ट करवाया। पीपीगंज में जांच के बाद कैलाशी को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला के परिजनों ने शाही ग्लोबल अस्पताल में इलाज कराने की जिद की तो अस्पताल प्रशासन ने उनसे घोषणा पत्र लिखवाकर महिला को छोड़ दिया। समाजसेवी श्रवण शर्मा की मदद से परिजन उन्हें शाही ग्लोबल अस्पताल ले गए जहां भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
प्रबंध निदेशक शाही ग्लोबल हॉस्पिटल डॉ. एसएस शाही ने कहा कि कैलाशी देवी को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। उनके दाएं कूल्हे की हड्डी टूटी है। 10 फरवरी को ऑपरेशन किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना की लाभार्थी होने के बावजूद इनका गोल्डन कार्ड नहीं बना था। अस्पताल में उनका कार्ड भी बनाया गया है, जिला स्वास्थ्य विभाग से इसका अप्रूवल होने का इंतजार है।