गोरखपुर ट्रेनों से प्रतिदिन 50-60 हजार यात्री सफर कर रहे हैं, इनमें से कोई संक्रमित तो नहीं यह जानने की फिक्र किसी को नहीं है। क्या यह सीधे तौर पर कोरोना को निमंत्रण नहीं है ? कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर तथ्यों पर नजर डालें तो हालत खतरनाक हो सकते हैं। 11 ट्रेन तो ऐसी हैं, जो मुंबई और केरल से रोजाना आती हैं, जहां कोविड संक्रमण वहां की सरकार के लिए सिर दर्द बना हुआ है। इन संवेदनशील इलाकों समेत दिल्ली, पंजाब जैसे लंबी दूरी वाले प्रांतों से आने वाले यात्रियों के चेहरों पर न मास्क है, ना ही सोशल डिस्टेंसिंग से किसी का वास्ता। प्रशासन भी इससे बेखबर है, जबकि उसे अच्छी तरह पता है कि संक्रमण बढ़ा तो ठीकरा उनके ही सिर फूटना है।
अमर उजाला पड़ताल: गोरखपुर में इतनी भीड़ आएगी तो जरूर फैलाएगी कोरोना, तस्वीरों में देखें पूरा हाल
11 ट्रेन तो ऐसी हैं, जो मुंबई और केरल से रोजाना आती हैं, जहां कोविड संक्रमण वहां की सरकार के लिए सिर दर्द बना हुआ है। इन संवेदनशील इलाकों समेत दिल्ली, पंजाब जैसे लंबी दूरी वाले प्रांतों से आने वाले यात्रियों के चेहरों पर न मास्क है, ना ही सोशल डिस्टेंसिंग से किसी का वास्ता।
वहां आरपीएफ के जवान भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने किसी यात्री को टोकने की जहमत नहीं उठाई। इसी तरह प्लेटफॉर्म तीन पर वाराणसी इंटरसिटी खड़ी थी। यहां भी लोगों ने मास्क नहीं लगाए थे। सोशल डिस्टेंसिंग की तो बात ही बेमानी है।
प्रवेश द्वार पर भी कोई चेकिंग नहीं
रेलवे स्टेशन पर तीन प्रवेश द्वार हैं और एस्केलेटर से भी लोग प्लेटफॉर्म पर जाते हैं। लेकिन, कहीं पर भी कोरोना के बचाव को लेकर बरते जाने वाले नियमों को लेकर सजगता नहीं दिखी। चेकिंग भी नहीं हुई। देखकर ऐसा लगा कि किसी को कोरोना के तीसरी लहर की फिक्र नहीं है।
मुंबई, केरल से आने वालों की जांच भी नहीं
प्रदेश सरकार ने जिन प्रदेशों में कोरोना संक्रमण ज्यादा है वहां से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों की कोरोना जांच या कोरोना टीका के दोनों डोज का सर्टिफिकेट को चेक करने का निर्देश दिया है। रेलवे स्टेशन पर यह आदेश सिर्फ कागजों में ही है। किसी भी ट्रेन के यात्री की जांच नहीं हो रही है। कोई भी धड़ल्ले से प्लेटफॉर्म तक आ-जा सकता है।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यह है रोजाना की स्थिति
मुंबई से आने वाली ट्रेनें : 10
दिल्ली से आने वाली ट्रेनें : 08
पंजाब से आने वाली ट्रेनें : 02
केरल से आने वाली ट्रेन : एक
प्रतिदिन सफर करने वालों की संख्या : 50-60 हजार
एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मास्क न लगाने वालों से जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। लगातार जांचकर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। रोजाना करीब 40 से 50 लोगों से जुर्माना स्टॉफ वसूल रहे हैं, साथ ही चेतावनी भी दी जा रही है। अनाउंस सिस्टम से भी उद्घोषणा कराई जा रही है। प्रचार-प्रसार कराकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने कहा कि बाढ़ में टीमें लगाई गई हैं, इसलिए रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं जा पा रही है। जल्द ही टीम लगाकर जांच कराई जाएगी। लोगों से अपील की जा रही है कि मास्क जरूर लगाएं । सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और हाथों को सैनिटाइज करते रहें।