कोरोना संक्रमण काल में घर के किचन से लेकर दफ्तर तक के बदले हालात से रूबरू होने के साथ ही लॉकडाउन की दुश्वारियां भी झेल चुके शहर के तमाम लोग अब भी जरूरी सतर्कता बरतने से परहेज कर रहे हैं। उनकी यही लापरवाही शासन से पहले खुद समूचे शहर को लॉकडाउन की तरफ ले जा रही है। पिछले छह दिनों से तीन थाना क्षेत्रों कोतवाली, तिवारीपुर और राजघाट थाना क्षेत्र या यूं कह ले कि शहर के आधे हिस्से में लॉकडाउन बरकरार है तो अब जल्द ही कैंट थाना क्षेत्र में भी लॉकडाउन लगने की स्थिति पैदा हो गई है।
गोरखपुर शहर में मौत को दावत दे रहे हैं लोग, सात दिन में बने 70 कोरोना हॉटस्पॉट
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जिला प्रशासन ने सोमवार से इस थाना क्षेत्र में भी लॉकडाउन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व सदर तहसील के एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। अंतिम फैसला उन्हीं को लेना है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कहना है कैंट थाना क्षेत्र में 17 हॉटस्पॉट हो गए हैं। कोरोना को लेकर सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक पांच से अधिक हॉटस्पॉट हो जाने पर संबंधित थाना क्षेत्र, क्लस्टर में परिवर्तित हो जाता है। ऐसे में संक्रमण का प्रभाव कम करने के लिए उसे पूरी तरह बंद करना जरूरी है।
उधर सूत्रों के मुताबिक तीन थाना क्षेत्र में लगा लॉकडाउन भी बढ़ सकता है। हालांकि अभी इसपर कोई निर्णय नहीं हुआ है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कहना है कि इन इलाकों में कैंप लगाकर रेंडम नमूने लिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट और पूरे हालात का अध्ययन करने के बाद ही डीएम, लॉकडाउन खत्म करने या बढ़ाने के संबंध में कोई निर्णय करेंगे।
शहर में 182 हॉट स्पॉट
कोरोना संक्रमण को लेकर शहर में बिगड़ते हालात का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि वर्तमान में यहां 182 हॉट स्पॉट हो चुके हैं। इनमें 70 हॉटस्पॉट तो पिछले सात दिन के भीतर बने हैं। शहर के तकरीबन सभी 75 वार्डों में एक से तीन तक हॉट स्पॉट वाले इलाके हैं। मोहल्ले और अपार्टमेंट तो दूर वर्तमान में तकरीबन सभी बड़े और महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर तक सील हो चुके हैं।