उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बहरामपुर समेत छह गांव पानी से घिर गए हैं। करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित हुई है। अगर राप्ती नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो आठ गांव की तकरीबन 10 हजार की आबादी भी प्रभावित होगी। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था कर दी गई है।
बाढ़ के पानी से घिरा गोरखपुर के ये छह गांव, तस्वीरों में देखें यहां झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हुए लोग
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राजघाट पुल से सटे नौसड़ के पास राप्ती नदी के किनारे बसा बहरामपुर गांव राप्ती नदी के पानी से घिर गया है। कई घरों में नदी का पानी भी घुस गया है। ऐसे में लोगों ने राप्ती नदी के बांध पर अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में जलस्तर और ज्यादा बढ़ने की आशंका को देखते हुए अधिकांश लोग पुल के पास बने तटबंध पर अपने जानवरों को लेकर आ गए हैं। कुछ लोगों ने टेंट डालकर रहना भी शुरू कर दिया है।
वहीं जो लोग अभी अपने घरों में बने हुए हैं उन्होंने सड़क तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कुछ ऐसी ही स्थिति खिरवनिया, झरवा, सेंदुली बेंदुली, अजवनिया, शेरगढ़ की भी है। आपदा कार्यालय के गौतम गुप्ता ने बताया कि अभी कोई भी गांव डूब क्षेत्र नहीं हुआ है। हालांकि गांवों के चारों ओर पानी भर गया है।
गौतम गुप्ता ने बताया कि ऐहतियातन इन गांवों के आसपास नावों का इंतजाम कर दिया गया है। वहीं अगर राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ता है तो मंझरिया बिस्टौल, बड़गो धोबी टोला, डुहिया, सेमरा देवी प्रसाद, कठवतिया उर्फ कठउर, चकरा अव्वल, महेवा मुस्कील और महेवा एतमाली गांव प्रभावित होंगे। इससे तकरीबन 9860 की आबादी प्रभावित होगी।
खतरे का निशान पार कर चुकी है राप्ती नदी
राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। तटबंधों पर जबरदस्त दबाव है। हालांकि अन्य नदियों का जलस्तर कम होने से थोड़ी राहत भी मिली है। गुरुवार की शाम तक राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर रहा। केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक गोरखपुर में राप्ती का खतरे का निशान 74.98 मीटर है जबकि यह सुबह 75.310 तो शाम को 75.360 पर बह रही थी। वहीं अयोध्या में घाघरा नदी सुबह 92.320 मीटर पर थी तो शाम को कम होकर 92.270 मीटर पर पहुंच गई। कुआनो नदी चंद्रदीप घाट पर सुबह 90.980 मीटर तो शाम को 89.900 मीटर पहुंच गई। रोहिणी नदी तीन रानी घाट पर सुबह 82.700 से लेकर शाम को भी इसी पर स्थिर रही।