राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चार जून को तीसरी बार गोरक्षनगरी आएंगे। वे यहां दोपहर 12:15 बजे पहुंच जाएंगे। रात्रि विश्राम भी यहीं करेंगे। अगले दिन पांच जून की सुबह कबीर की निर्वाण स्थली मगहर संतकबीरनगर जाएंगे। इससे पहले राष्ट्रपति कोविंद 10 दिसंबर 2018 को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह और 28 अगस्त 2021 को आयुष विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह में आ चुके हैं।
President Visit: चार जून को तीसरी बार गोरखपुर आएंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, यहां देखें 20 घंटे का शेड्यूल
चार जून की दोपहर 12:15 बजे पहुंचेंगे राष्ट्रपति, गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होंगे
इस दौरान गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन के बाद वह फिर सर्किट हाउस आ जाएंगे। देर शाम रामगढ़ताल किनारे बने नया सवेरा पर लाइट एंड साउंड शो देखने जाएंगे। राष्ट्रपति वहां 20 से 25 मिनट तक रहेंगे, फिर सर्किट हाउस लौट आएंगे। वहीं पर रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन पांच जून यानी रविवार की सुबह 8:30 बजे मगहर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे। इस तरह राष्ट्रपति गोरखपुर में कुल करीब 20 घंटे गुजारेंगे।
गीता प्रेस में 20 मिनट का होगा संबोधन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गीता प्रेस के कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को 20 मिनट संबोधित करेंगे। उनके आगमन पर गीता प्रेस में चुनिंदा लोगों को बुलाया गया है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उनकी अगुवाई के लिए शहर के सभी प्रमुख स्थानों को सजाया जा रहा है। सड़कों को दुरुस्त करने के साथ ही डिवाइडर का भी रंग-रोगन किया जा रहा है। पूरे मार्ग पर नई लाइटें लगाई जा रही हैं। सर्किट हाउस और एनेक्सी भवन को भी चमका दिया गया है। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। हर जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराए जा रहे हैं।
देश के चार और राष्ट्रपति आ चुके हैं गोरखपुर
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पहले देश के चार और राष्ट्रपति भी गोरखपुर आ चुके हैं। इनमें देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन, 11वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और 12वीं राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का नाम शामिल है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गोरखनाथ मंदिर जाने वाले तीसरे राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद और दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी गोरखनाथ मंदिर गए थे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम गोरखपुर विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो. रेवती रमण पांडेय के बुलावे पर गोरखपुर आए थे। उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में छात्रों और शिक्षकों से ‘विजन 2020 पर सीधा संवाद किया था।
कार्यक्रम के दौरान ही उन्होंने संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर जाने की इच्छा जताई। प्रशासन ने आनन-फानन उनके वहां जाने की व्यवस्था की थी। कार्यकाल समाप्ति के बाद फरवरी 2011 में डॉ. कलाम एक बार फिर गोरखपुर आए। तब गोरखनाथ क्षेत्र स्थित सेंट जोसेफ हाई स्कूल में गोरखपुर-बस्ती मंडल के छात्र-छात्राओं से उन्होंने ‘विज्ञान और प्रकृति के संरक्षण विषय पर संवाद किया था। इसी तरह पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, मार्च 2009 में वायुसेना केंद्र गोरखपुर में 105 हेलिकॉप्टर यूनिट और 108 स्क्वाड्रन को ‘प्रेसिडेंशियल स्टैंडर्स सम्मान देने आईं थीं।