क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय, आईटीआई और कौशल विकास मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेगा जॉब फेयर में 5117 युवाओं के सपनों को उड़ान मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में गोरखपुर में बटीं नौकरियां, हजारों युवाओं को 20-20 हजार की जॉब
मेगा जॉब फेयर में शामिल होने के लिए तीनों मंडल से युवाओं की भीड़ गोरखपुर विश्वविद्यालय में उमड़ी। अभ्यर्थी सुबह सात बजे से ही जुटने लगे। अभ्यर्थियों ने खेल मैदान में लगे 70 काउंटरों पर पसंदीदा कंपनी में नौकरी के लिए पंजीकरण कराया। फिर साक्षात्कार देने के लिए दीक्षा भवन, वाणिज्य विभाग, गृह विज्ञान और ललित कला विभाग पहुंचे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने कुछ जगह युवाओं की लिखित परीक्षा ली। उसके बाद अगले चरण में इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं को चयनित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें हाईस्कूल, इंटर, स्नातक, आईटीआई, त्रिवर्षीय डिप्लोमा उत्तीर्ण शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियां एवं कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित अभ्यर्थी शामिल हुए। रोजगार मेला की व्यवस्था में आईटीआई जेडी राजेश राम, सहायक निदेशक सेवायोजन अखंड प्रताप सिंह और कौशल विकास मिशन के समन्वयक सत्यकांत आदि ने अहम भूमिका निभाई।
कुछ युवा खेल मैदान में ‘रेनस्टैड’ कंपनी के काउंटर पर पंजीकरण कराकर इंटरव्यू देने दीक्षा भवन में पहुंचे तो वहां आयोजकों की ओर से कंपनी के प्रतिनिधियों के इंतजार की सलाह दी गई। दोपहर दो बजे तक युवा इंतजार करते रहे, मगर कंपनी का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। दुर्गेश, अश्वनी और हर्ष ने आरोप लगाया कि जब अधिकारियों से इसकी शिकायत हुई तो उन्होंने दूसरी कंपनी के लिए इंटरव्यू देने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया। मजबूरी में उन्हें निराश लौटना पड़ा।
खत्म हो गए रजिस्ट्रेशन फार्म
मेगा जॉब फेयर के उद्घाटन के थोड़ी देर बाद ही यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में लगे रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर फार्म खत्म हो गए। मंच से बाकायदा आयोजकों को स्टेशनरी इंचार्ज को फार्म उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित करना पड़ा। पूरे दिन कमोबेश तकरीबन हर काउंटर पर यही स्थिति बनी रही।
इंटरव्यू के कमरे में भरा गंदा पानी
दीक्षा भवन के भूतल पर आर्कटिक इंडस्ट्रीज के लिए कमरा आवंटित किया गया था। बगल में पानी का स्टैंड पोस्ट होने की वजह से धीरे-धीरे पूरे कमरे में जलभराव हो गया। अभ्यर्थियों को पानी से होकर इंटरव्यू में शामिल होने के लिए जाना पड़ा। आयोजकों की ओर से इस ओर ध्यान न देने की वजह से कंपनी के लोग भी नाराज नजर आए।
