दो दिवसीय लॉकडाउन के पहले दिन सभी दुकानें, बाजार और दफ्तर बंद रहे तो वहीं सड़कों पर थोड़ी चहल-पहल बनी रही। कुछ एक चौराहों, सड़कों पर छोड़ कहीं पर भी पुलिस ने किसी को रोककर पूछताछ नहीं की। प्रशासन और पुलिस का पूरा जोर दुकानें और बाजार बंद कराने के साथ ही साथ इसपर भी रहा कि कहीं किसी स्थान पर दो-चार से अधिक लोग एकत्रित न होने पाएं। हालांकि सड़कों पर भी वे ही निकले जिन्हें कोई जरूरी काम रहा। हॉस्पिटल और दवा की दुकानों के सामने थोड़ी भीड़ रही।
Gorakhpur Lockdown: दुकानें बंद, बाजार में खमोशी, सड़कों पर रही चहल-पहल
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल, एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव, एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह, एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ और सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव समेत सभी आला अफसर लगातार निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेते रहे। महेवा सब्जी मंडी और दवा की थोक मंडी भालोटिया बंद रही तो वहीं गांवों में सभी हाट-बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
डीएम ने विभिन्न इलाकों में निरीक्षण के दौरान पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को जागरूक भी किया। उन्होंने सभी से घरों में रहने और इमरजेंसी की दशा में ही बाहर निकलने की अपील की। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और मॉस्क का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने बताया कि रविवार को भी पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। किसी ने भी दुकान या प्रतिष्ठान खोला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
रेलवे स्टेशनः बस-रिक्शे वालों ने आसान की राह, कुछ पैदल चले
लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन आने-जाने वालों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहा। हालांकि ऑटो नहीं चलने से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसें तो शहर के लिए रिक्शे वालों ने राह आसान की। वहीं कुछ लोगों के पैदल ही घर तक सफर तय करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वालों को विशेष दिक्कत नहीं हुई सिवाय थोड़े इंतजार के। उन्हें रोडवेज से बसें मिल गईं। रोडवेज की बसें पूर्व की ही तरह अपनी सभी रूटों पर निकली मगर यात्री कम होने की वजह से उनकी संख्या भी कम ही रही।
एयरपोर्टः 530 यात्री आए 446 गए
विमानों का संचलन भी पहले की ही तरह हुआ। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद से कुल 640 यात्री आए तो वहीं गोरखपुर से 727 यात्रियों ने उड़ान भरी। ज्यादातर यात्री अपने निजी वाहन से एयरपोर्ट पहुंचे। इसके अलावा एयरपोर्ट से टैक्सी का भी संचलन हुआ जिससे यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।