लखनऊ के कैंट इलाके में सवा तीन महीने पहले बीडीएस तृतीय वर्ष की छात्रा प्रिया सिंह की हत्या के आरोपी सचिवालय कर्मचारी प्रकाश चंद्र आर्य को पुलिस ने मंगलवार दोपहर सदर स्थित संस्कृत पाठशाला तिराहा से दबोच लिया। सीओ कैंट संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रकाश ने प्रिया को अपने फेसबुक फ्रेंड से चैटिंग करते हुए देख लिया था, जिससे नाराज होकर उसने सिलबट्टे से उस पर वार किए। हत्या को खुदकुशी का रूप देने के लिए उसे फंदा बनाकर लटकाने का प्रयास किया। हालांकि, असफल होने पर वह भाग गया था। पुलिस को शव के पास प्रकाश के दो मोबाइल फोन मिले थे। पिता ने प्रकाश पर हत्या का केस दर्ज कराया था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
बीडीएस छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार, बताई वारदात की पूरी सच्चाई
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सीओ ने बताया कि प्रकाश चंद्र आर्य निलमथा की दुर्गापुरी कॉलोनी का रहने वाला है। वह सचिवालय में अनुसेवक पद पर तैनात है। पूछताछ में उसने बताया कि वह और प्रिया बचपन से एक साथ हैं। एक ही स्कूल में पढ़े हैं। बीते 10 जून को प्रिया घर पर अकेली थी तो वह मिलने गया था। वहां प्रिया का मोबाइल देखा तो हरियाणा निवासी व नोएडा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हार्दिक नाम के छात्र से लंबी चैटिंग व कॉल्स मिलीं। इसे लेकर प्रिया से झगड़ा हुआ और उसने सिलबट्टा उठाकर वार कर दिया। प्रकाश ने कहा कि वह प्रिया से बहुत प्यार करता था। उसे कई बार हार्दिक से बातचीत करने से मना किया, लेकिन नहीं मानी। उस दिन भी इसी बात को लेकर प्रिया से झगड़ा हुआ और गुस्से में उसे मार डाला। अगले दिन सुबह प्रिया के फूफा संजय सिंह घर आए तो बेड पर उसका शव पड़ा देख होश उड़ गए। पुलिस को छानबीन में प्रकाश के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले थे।
मालूम हो कि मूलरूप से बिहार के गोपालगंज स्थित सिधवलिया के विभुनपुरा जलालपुर खुर्द की रहने वाली प्रिया सिंह यहां विद्यासागर मलाक रोड पर परिवारीजनों के साथ रहकर बीबीडी से बीडीएस की पढ़ाई कर रही थी। उसके पिता प्रकाश कुमार सिंह सिविल इंजीनियर हैं। 11 जून की सुबह उसका शव घर पर ही पाया गया था। वारदात के वक्त प्रिया के परिवारीजन बिहार गए थे। वह घर पर अकेली थी। आसपास के लोगों से पता चला था कि प्रकाश उसके घर आया था।
छात्रा पर बना रहा था शादी का दबाव
कैंट इंस्पेक्टर रंजना सचान ने बताया कि प्रकाश छात्रा से एकतरफा प्यार करता था। वह प्रिया के घर आता-जाता था। प्रिया के लैपटॉप से प्रकाश और उसके कई फोटो भी मिले थे। प्रकाश उस पर शादी का दबाव बना रहा था। चूंकि, छात्रा उसे बचपन से जानती थी और अच्छा दोस्त मानती थी, इसलिए उसे टालती रही। हालांकि, प्रकाश लोगों से प्रिया को अपनी गर्लफ्रेंड बताता था। अक्सर वह उसका पीछा करता। कई बार रास्ते पर रोककर छेड़छाड़ भी की, जिसकी शिकायत पुलिस तक पहुंची थी।
छात्रा को मारकर खुदकुशी के लिए बनाया था फंदा, लेकिन डर गया
प्रकाश ने पूछताछ में बताया कि प्रिया को मारने के बाद वह आत्मग्लानि से भर गया। उसका कहना है कि खुद भी जान देने की कोशिश की। फंदा बनाया लेकिन वह डर गया और अपने व छात्रा के मोबाइल फोन के चैट व कॉल रिकॉर्ड डिलीट करके भाग निकला। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसने प्रिया की मौत को खुदकुशी साबित करने के लिए ही फंदे से लटकाने का प्रयास किया था।
प्रकाश ने प्रिया का वॉट्सएप नंबर स्कैन कर लिया था। उसने बताया कि प्रिया दूरी बनाने लगी थी। अक्सर वह वॉट्सएप पर देर रात तक ऑनलाइन रहती थी। वह मेसेज भेजता तो काफी देर बाद जवाब देती। प्रकाश को शक था कि प्रिया किसी और से बातचीत कर रही है। यही वजह है कि उसने प्रिया का वॉट्सएप नंबर स्कैन कर लिया था। इसके बाद से प्रिया वॉट्सएप पर जो भी चैट या मेसेज करती, उसे पता लग जाता था।
बीडीएस छात्रा की हत्या मामले में आरोपी गिरफ्तार