उत्तराखंड के होने वाले नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लखनऊ और लखनऊ विश्वविद्यालय से काफी गहरा नाता रहा है। धामी लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और यहां से उन्होंने बीए किया था। नरेंद्र देव छात्रावास का कमरा नंबर 119 उनका आशियाना हुआ करता था। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने ट्वीट कर अपने पूर्व छात्र के मुख्यमंत्री बनने पर बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
शनिवार को जब पुष्कर सिंह धामी का नाम उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के लिए तय हुआ तो लखनऊ विश्वविद्यालय व लखनऊ में उनके साथ पढ़े व बढ़े लोगों में खुशी की लहर छा गई। धामी शुरुआत से ही पढ़ाई के साथ-साथ छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं।
1994 में बीए में प्रवेश लेने के साथ ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ गए थे। इकाई अध्यक्ष से लेकर उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है। इसके साथ ही उनका छात्र राजनीति में समावेश हुआ। क्योंकि तब एबीवीपी छात्रसंघ की सक्रिय राजनीति में शिरकत कर रही थी।
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पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला
लविवि के पूर्व छात्र व धामी के साथ एबीवीपी में रहे दीपक अग्निहोत्री बताते हैं कि उनका स्वभाव काफी सरल था। वह सभी से मिल-जुलकर रहते थे। विरोधी भी उनके इस स्वभाव के कायल हुआ करते थे। तब परिसर में छात्र राजनीति काफी सक्रिय थी और वह पढ़ाई के बाद के समय में इसको पूरा समय देते थे।
वे अक्सर कैंटीन में छोले-चावल और चाय के बीच लंबी राजनीति चर्चाओं का हिस्सा बनते थे। भाजपा नेता व लविवि के पूर्व छात्र तरुणकांत त्रिपाठी, रमारंजन उपाध्याय, डॉ.नीलेश सिंह व अन्य ने भी धामी के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जतायी है।
विवि के दूसरे छात्र जो बनेंगे उत्तराखंड के सीएम
धामी लखनऊ विश्वविद्यालय के दूसरे ऐसे छात्र हैं जो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनेंगे। इससे पहले यहां के छात्र रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्र राजनीति के शीर्ष पर पहुंच चुके हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा, सुरजीत सिंह बरनाला, आरिफ मोहम्मद, शिवपाल सिंह यादव आदि शामिल हैं।