फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Agra: पांच साल से अधर में लटकी है 350 करोड़ रुपये की रबर डैम परियोजना, राह का रोड़ा बने 288 पेड़

Thu, 15 Dec 2022 11:19 AM IST
मुकेश कुमार देश दीपक तिवारी, अमर उजाला आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 15 Dec 2022 11:19 AM IST
विज्ञापन
288 trees stand in the way of rubber dam project in Agra
यमुना पर प्रस्तावित है रबर डैम - फोटो : अमर उजाला

ताजमहल की डाउन स्ट्रीम में यमुना पर प्रस्तावित रबर डैम की राह नगला पैमा और गढ़ी चांदनी गांव में 288 पेड़ों को काटने के बाद ही साफ होगी। सिंचाई विभाग ने टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) में इन पेड़ों को काटने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी थी, जो एक साल से लंबित है। इस वजह से परियोजना पांच साल से अधूरी पड़ी है।



पहली बार सूबे की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब आगरा आए थे तो उन्होंने ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर दूर डाउन स्ट्रीम में स्थित नगला पैमा गांव के पास रबर डैम का शिलान्यास किया था। सिंचाई विभाग ने 350 करोड़ रुपये की परियोजना बनाई, जो पांच साल बाद भी कागजों से बाहर नहीं आई। इस प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद शासन स्तर से प्रयास हुए न विभागीय स्तर से। दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद रबर डैम के लिए बजट में दो करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ, लेकिन बजट भी नहीं मिला। 

288 trees stand in the way of rubber dam project in Agra
ताजमहल के पास बनना है रबर डैम - फोटो : अमर उजाला
रबर डैम बनाने के लिए नगला पैमा में 25 और गढ़ी चांदनी गांव में 288 पेड़ काटे जाने हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सौरभ शरद गिरी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही काम आगे बढ़ पाएगा। 
288 trees stand in the way of rubber dam project in Agra
ताजमहल के पार्श्व में बहती यमुना - फोटो : अमर उजाला
पर्यावरणविदों का कहना है कि टीटीजेड पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण सर्वोच्च न्यायालय से अनुमति मिलना मुश्किल है। इससे पहले मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भी फतेहाबाद रोड से लेकर शाहजहां गार्डन तक पेड़ काटे गए थे। कई पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह प्रत्यारोपित भी किया गया। जितने पेड़ काटे गए, उनके बदले पेड़ लगाने का काम अभी अधूरा है। इसके लिए मेट्रो ने वन विभाग को बजट भी उपलब्ध कराया था, फिर भी नए पेड़ नहीं लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
288 trees stand in the way of rubber dam project in Agra
ताजमहल के पार्श्व में बहती यमुना - फोटो : अमर उजाला
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने बताया कि जीवनदायिनी कालिंदी में साल के 10 महीने पानी कम रहता है। रबर डैम बनेगा तो यमुना में पानी भी बढ़गा। पानी बढ़ने से ताजमहल की नींव को फायदा होगा, प्रदूषण से भी यमुना को मुक्ति मिलेगी। सात साल से नियमित यमुना मैया की आरती इसलिए कर रहे हैं कि जलधारा लौटे। यमुना को प्रदूषण से मुक्ति मिले। नदी में 12 महीने पानी रहे।
विज्ञापन
288 trees stand in the way of rubber dam project in Agra
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
सिविल सोसायटी के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सिविल एन्कलेव का काम भी जल्द पूरा होना चाहिए। पर्यटन नगरी में रोजगार की नई संभावनाएं भी विकसित होंगी। सिविल एन्क्लेव आगरा की सबसे बड़ी जरूरत है। दुनियाभर से पर्यटक यहां आते हैं। सिविल एन्क्लेव बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हर साल आगरा में लाखों पर्यटक आते हैं। शहर की छवि भी बदलेगी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed