कोरोना से डरने की नहीं, बल्कि लड़ने और उसे हराने की जरूरत है। होम आइसोलेशन में उचित उपचार और सकारात्मक सोच से कोरोना को हराया जा सकता है। आगरा में 80 साल के बुजुर्ग ही नहीं छह साल की बच्ची ने भी कोरोना को मात दी है। बस उन्होंने चिकित्सक की सलाह मानी और नियमों का पालन किया। दोनों का कहना है कि कोरोना बस एक बीमारी है। हमने इसे हराया है तो सभी इसे हरा सकते हैं।
#LadengeCoronaSe: आगरा में 80 साल के बुजुर्ग और छह साल की बच्ची ने कोरोना को हराया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिशासी अभियंता पद से रिटायर्ड आरबी शर्मा ने कोरोना संक्रमण होने पर घर पर ही आइसोलेट होकर इलाज कराया। 80 वर्षीय आरबी शर्मा अब स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को बुखार और गले में संक्रमण से कोरोना का पता चला। होम आइसोलेशन में उपचार लिया। दिन में तीन से चार बार भाप ली। गर्म पानी लिया और डॉक्टर की बताई हुईं दवाइयां लीं। योग किया।
आरबी शर्मा ने अनुलोम विलोम और कपालभाती प्राणायाम करके लेकर 15 दिन में अपने को कोरोना मुक्त किया। उनकी 50 साल की बेटी निशा शर्मा को क्रोनिक कोरोना निमोनिया था जिसका एचआरसीटी स्कोर 18 तक पहुंच गया और ऑक्सीजन लेवल 80 से 85 के बीच में था। उन्होंने भी घर पर ही आइसोलेट होकर पिता की तरह प्राणायाम और योग के जरिए ऑक्सीजन लेवल बढ़ाया। भाई मनोज शर्मा ने काफी प्रयास किए पर सिलिंडर नहीं मिल पाया।
सीख
-कोरोना से घबराएं नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ कड़ाई से मुकाबला करें।
-98 फीसदी लोग कोरोना से ठीक हो रहे हैं, उचित उपचार से यह संभव हो रहा है।
-दिनचर्या में सुधार कर, सामान्य व शुद्ध भोजन और नियमों का पालन करना चाहिए।
सलाह और नियमों के पालन से जीती जंग
नालंदा एंक्लेव शास्त्रीपुरम निवासी आशिता छह वर्ष की हैं, उन्होंने भी कोरोना को हराया है। परिवार में चार सदस्य माता-पिता के साथ दो बेटियां कोरोना संक्रमित हुईं। छोटी बेटी आशिता की एंटीजन रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। सभी होम आइसोलेट हो गए। पांच दिन के बाद 15 अप्रैल को आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट में आशिता को छोड़कर बाकी तीनों सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई।
सीख
-चिकित्सक की बताई सलाह का पालन करना चाहिए, इसमें कोताही न हो।
-ठंडे पानी, आइसक्रीम और बाहर की चीजों से परहेज करना चाहिए।
-घबराएं नहीं, अपनी हॉबी में मन लगाएं, अच्छी चीजों को करते रहें।