आगरा के कोतवाली क्षेत्र की कूंचा साधूराम वाली गली में एक नहीं, बल्कि चार की हत्या हो गई। यहां महिला रेखा राठौर (36), उसके बेटे वंश उर्फ टुकटुक (12), पारस (10) और बेटी माही (8) की हत्या बड़े ही निर्मम तरीके से कर दी गई। पहले कपड़े से बांधकर उनके गले दबाए गए, जिससे उनकी चीखें बाहर नहीं आ सकीं। बाद में किसी धारदार हथियार से गले रेते गए। गुरुवार की सुबह चारों के शव मकान में पड़े मिले। जिस किसी ने इस हत्याकांड के बारे में सुना वो दहल गया। हर कोई जुबान से एक ही बात कर रहा था कि आखिर हंसते खेलते परिवार में किसने मौत का खेल खेला है ?
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आगरा में मां और तीन बच्चों की हत्या: हंसते खेलते परिवार के साथ किसने खेला 'मौत' का खेल ?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 23 Jul 2021 01:04 AM IST
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आगरा में मां और तीन बच्चों की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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सामूहिक हत्याकांड से दहशत में दिखे लोग
- फोटो : अमर उजाला
चार मौतों से मोहल्ले के 25 से अधिक परिवार दहशत में हैं। लोगों का कहना था कि 10 साल में गली के अंदर किसी के घर में चोरी की घटना नहीं हुई। अब चौहरा हत्याकांड हो गया। लोगों ने गुरुवार को लोगों को घरों से बाहर नहीं जाने दिया। रेखा के घर के पास भी कोई नहीं गया। चेहरों पर साफ दहशत दिखी।
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मृतकों के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों को घर में बंद करके जाती थी रेखा
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि रेखा आसपास के लोगों से कम ही बात करती थी। उसके घर पर उसकी सहेली पार्लर का काम सीखने आती थीं। वह कुछ देर बाद चली भी जाती थीं। इसके अलावा रेखा घर से जब भी जाती थी, वह बाहर से ताला लगा देती थी। घर के अंदर बच्चे बैठे रहते थे। वह बाहर भी नहीं आते थे। वो खिड़कियों से ही झांकते थे।
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि रेखा आसपास के लोगों से कम ही बात करती थी। उसके घर पर उसकी सहेली पार्लर का काम सीखने आती थीं। वह कुछ देर बाद चली भी जाती थीं। इसके अलावा रेखा घर से जब भी जाती थी, वह बाहर से ताला लगा देती थी। घर के अंदर बच्चे बैठे रहते थे। वह बाहर भी नहीं आते थे। वो खिड़कियों से ही झांकते थे।
मृतकों के शोकाकुल परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घटना से परिवार दहशत में
पड़ोसी मधु यादव ने कहा कि रेखा के बच्चे कभी-कभी बाहर आते थे। रेखा बात नहीं करती थी। घटना से परिवार दहशत में है। ऐसा कौन कर सकता है? आरोपी को जल्द पकड़े पुलिस।
कोई परिचित ही हो सकता है
क्षेत्रीय निवासी निजाम खान ने बताया कि घर में कोई परिचित ही आ सकता था। घटना काफी विभत्स है। बच्चों का भी खून कर दिया गया। घर से किसी की चीख तक बाहर नहीं आ सकी।
पड़ोसी मधु यादव ने कहा कि रेखा के बच्चे कभी-कभी बाहर आते थे। रेखा बात नहीं करती थी। घटना से परिवार दहशत में है। ऐसा कौन कर सकता है? आरोपी को जल्द पकड़े पुलिस।
कोई परिचित ही हो सकता है
क्षेत्रीय निवासी निजाम खान ने बताया कि घर में कोई परिचित ही आ सकता था। घटना काफी विभत्स है। बच्चों का भी खून कर दिया गया। घर से किसी की चीख तक बाहर नहीं आ सकी।
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पड़ोसी महिलाओं से जानकारी लेती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस से मिली जानकारी
क्षेत्रीय निवासी अश्वनी कुमार पचौरी ने कहा कि सुबह घटना की जानकारी हो गई। इस पर वो आ गए। मगर, पुलिस ने रोक दिया। पुलिस से ही चारों के गले रेतने के बारे में पता चला।
घर का दरवाजा खुला था
पड़ोसी आशु ने कहा कि घर का दरवाजा खुला देखा था। इससे हत्या का अंदाजा नहीं हुआ। दोपहर से लेकर रात तक कोई घर से बाहर नहीं आया था।
क्षेत्रीय निवासी अश्वनी कुमार पचौरी ने कहा कि सुबह घटना की जानकारी हो गई। इस पर वो आ गए। मगर, पुलिस ने रोक दिया। पुलिस से ही चारों के गले रेतने के बारे में पता चला।
घर का दरवाजा खुला था
पड़ोसी आशु ने कहा कि घर का दरवाजा खुला देखा था। इससे हत्या का अंदाजा नहीं हुआ। दोपहर से लेकर रात तक कोई घर से बाहर नहीं आया था।

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