आगरा में दमघोंटू मॉकड्रिल मामले का खुलासा होने के बाद श्री पारस अस्पताल के खिलाफ कई शिकायतें आई हैं। इस मामले की जांच कर रही जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली एडीएम सिटी की कमेटी के पास शुक्रवार को अंतिम दिन कुल 10 शिकायतें दर्ज हुईं हैं। सात शिकायतें मृतक मरीजों के परिजनों ने दर्ज कराई हैं। जिनमें उन्होंने ऑक्सीजन की कमी से मौतों के आरोप लगाए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने 22 मरीजों की हत्या के आरोपों में चिकित्सक डॉ. अरिंजय जैन के विरुद्ध 302 में मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रत्यावेदन दिया है। बता दें कि श्रीपारस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अरिंजय जैन के 28 अप्रैल के चार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जिनमें वह अस्पताल में आईसीयू स्टाफ के साथ 26 अप्रैल को ऑक्सीजन कमी होने पर मॉकड्रिल करने की बात कहते कैमरे में दिखाई दे रहे हैं।
श्री पारस अस्पताल प्रकरण: ऑक्सीजन की कमी से मौत की 10 और शिकायतें, मुकदमे में बढ़ सकती हैं गंभीर धाराएं
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जनप्रहरी नरोत्तम शर्मा ने कहा कि 20 अप्रैल से 20 मई तक भर्ती मरीज, डिस्चार्ज व मौतों की जांच उच्चस्तरीय कमेटी को करनी चाहिए। प्रशासन ने कोविड हॉस्पिटल दोबारा क्यों बनाया। वीडियो पहले सामने आ जाता तो और मरीजों की जान बच जाती। जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाए। फास्ट ट्रैक कोर्ट में पूरे मामले का विचारण होना चाहिए।
हत्या का मुकदमा दर्ज हो
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन संकट चरम पर था। वीडियो से साफ स्पष्ट है कि पांच मिनट ऑक्सीजन बंद करके मॉकड्रिल की गई। जिसमें 96 मरीजों में से 22 गंभीर मरीजों की मौत हो गई। संचालक व प्रबंधन के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि 26 व 27 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल मामले में सात शिकायतें व तीन प्रत्यावेदन मिले हैं। ऑक्सीजन कमी से मौतों के मृतक मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाए हैं। साक्ष्य व पक्षों के बयान होंगे। तीन दिन में जांच पूरी हो जाएगी। आरोपों की सत्यता जांची जाएगी।
'मुकदमे में बढ़ सकती हैं गंभीर धाराएं'
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने कहा कि मरीजों की शिकायतों के आधार पर जांच में गंभीर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। महामारी मुकदमे में शामिल पीड़ितों के साक्ष्यों को शामिल करेंगे। ऑक्सीजन कमी का चिकित्सक ने भ्रम फैलाया। ऑक्सीजन कमी नहीं थी।
27 मौतों की दूसरी बार शिकायतें
इटावा भर्थना निवासी राजू यादव ने शुक्रवार को दूसरी बार शिकायत दर्ज कराई है। वीडियो वायरल होने से 22 दिन पहले 17 मई को भी राजू ने एसएसपी आगरा को तहरीर भेजकर श्री पारस अस्पताल में ऑक्सीजन बंद कर 27 मरीजों के हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। पुलिस ने कोई जांच नहीं की। 26 अप्रैल की रात राजू के बहनोई 30 वर्षीय रिंकू उर्फ रजनीश श्री पारस में भर्ती था। सुबह उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को राजू यादव ने एडीएम सिटी से दोबारा एफआईआर की मांग की।