फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तिरंगा बना ढाल: यूक्रेन से लौटी आगरा की साक्षी ने बताए वहां के हालात, कहा- तीन दिन तीन साल की तरह गुजरे

Sun, 27 Feb 2022 03:29 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 27 Feb 2022 03:29 PM IST
विज्ञापन
Agra student sakshi sikarwar evacuate from Ukraine amid war situation
माता-पिता के साथ साक्षी सिकरवार - फोटो : अमर उजाला

आंखों में चमक, होठों पर हंसी, चेहरे पर वतन वापसी की खुशी। घर पहुंची तो पहले मां ने द्वार पर आरती उतारी। फिर पिता ने मिठाइयां बांटी। ये नजारा था रविवार को आगरा के दयालबाग स्थित राहुल विहार में। जहां यूक्रेन से लौटी बेटी साक्षी को देख एक तरफ माता-पिता फूले नहीं समा रहे थे, तो पड़ोसी भी साक्षी को दुआएं देते नजर आए।



यूक्रेन में फंसी साक्षी पहली छात्रा है जो आगरा लौटी है। यूक्रेन के उजरेत शहर में स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा 20 वर्षीय साक्षी ने अमर उजाला को बताया कि भारतीय होने के क्या मायने हैं ये मुझे यूक्रेन में पता चला। जहां तिरंगा हमारी ढाल बना। मैंने राष्ट्रीय ध्वज का वास्तविक महत्व समझा। जितना सम्मान भारतीय होने पर यहां नहीं मिलता उससे अधिक मुझे युद्धग्रस्त यूक्रेन में महसूस हुआ। जब भारतीय होने के कारण हमें विशेष महत्व मिला। 

Agra student sakshi sikarwar evacuate from Ukraine amid war situation
लोगों ने किया साक्षी का स्वागत - फोटो : अमर उजाला

साक्षी ने बताया कि हमें पहले ही निर्देश मिल चुके थे कि तिरंगा नहीं होने पर हमला हो सकता है। साक्षी के पिता कृष्णवीर सिंह सिकरवार और मां शशि ने बेटी की सकुशल घर वापसी पर केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की। साक्षी का कहना है कि यूक्रेन में जब हालात सामान्य हो जाएंगे तो वह वापस जाएंगी।

Agra student sakshi sikarwar evacuate from Ukraine amid war situation
तिरंगे के साथ भारतीय छात्र - फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन से लौटी साक्षी सिकरवार ने बताया कि वह वहां हॉस्टल में रहती थी। 22 फरवरी की रात में रूस ने कीव में हमला किया। सुबह जब देखा तो आसमान में धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा था। वो मंजर दिल को दहलाने वाला था। बहुत डर लग रहा था। बहुत ठंड थी। मुझे लगा कि हम यहां से नहीं लौट पाएंगे। तापमान भी माइनस में था। कीव में मेरे दोस्त भी फंसे हुए हैं। वो वहां बंकर और मेट्रो में छुपे हुए हैं। मैं अपने ग्रुप की केप्टन थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Agra student sakshi sikarwar evacuate from Ukraine amid war situation
यूक्रेन से लौटीं साक्षी सिकरवार - फोटो : अमर उजाला
साक्षी ने कहा कि तीन दिन हमने तीन साल की तरह गुजारे हैं। 24 फरवरी को भारत सरकार द्वारा की जा रही मदद के बारे में पता चला तो हिम्मत बंधी। 25 फरवरी को कॉलज प्रबंधन ने सभी ग्रुप केप्टन को बुलाया। हमसे कहा, एक घंटे में यहां से निकलना है। जरूरी सामान रख लो। पासपोर्ट, भारत का झंडा लेकर हम बस में बैठ गए। वहां से 50 किमी दूर हंगरी का बॉर्डर था। फिर वहां से एयर इंडिया की फ्लाइट में 240 छात्रों को दिल्ली लाया गया। 
विज्ञापन
Agra student sakshi sikarwar evacuate from Ukraine amid war situation
माता-पिता के साथ साक्षी सिकरवार - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तानी व बांग्लादेशियों का बुरा हाल
साक्षी ने बताया कि हमें भारतीय होने के कारण वहां से निकाला गया। परंतु मेरे बैच में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नाइजीरिया के छात्र थे। उन्हें कोई पूछ तक नहीं रहा था। उनके दूतावास ने भी संपर्क नहीं किया। पाकिस्तानी व बांग्लादेशी छात्रों का वहां बहुत बुरा हाल है। हंगरी में हमें इस्कॉन टैंपल संस्था ने खाना खिलाया, कंबल दिए।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed