फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Ahoi Ashtami 2020: राधाकुंड-श्यामकुंड में डुबकी नहीं लगा सकेंगे नि:संतान दंपती, परंपरा टूटी, श्रीकृष्ण ने किया था निर्माण

Sun, 08 Nov 2020 12:48 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sun, 08 Nov 2020 12:48 PM IST
विज्ञापन
Ahoi Ashtami 2020: Childless Couple Did Not Take A Bath In   Radha Kund
अहोई अष्टमी 2020: राधाकुंड - फोटो : अमर उजाला
लाखों नि:संतान दंपती इस बार राधाकुंड-श्यामकुंड में आधी रात को होने वाले महास्नान से वंचित रहेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने आठ व नौ नवंबर को राधाकुंड में लगने वाला अहोई अष्टमी मेला निरस्त कर दिया है। राधाकुंड व श्यामकुंड की बैरिकेडिंग की गई है। राधाकुंड की सीमाओं को भी सील किया गया है। एसडीएम गोवर्धन राहुल यादव तथा आईपीएस अनिरुद्ध कुमार, सीओ रविकांत पाराशर, एसओ प्रदीप कुमार, चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने राधाकुंड-श्यामकुंड, पार्किंग स्थल, गिरिराज परिक्रमा मार्ग, रामलीला मैदान आदि स्थानों का जायजा लिया। 
Ahoi Ashtami 2020: Childless Couple Did Not Take A Bath In   Radha Kund
राधाकुंड का निरीक्षण करने जाते पुलिस-प्रशासन के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
एसडीएम यादव ने बताया कि रविवार की दोपहर दो बजे से राधाकुंड में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी जाएगी। अहोई अष्टमी मेले की व्यवस्था में 170 अतिरिक्त सिपाही तैनात किए गए हैं। इस बार अहोई अष्टमी मेले पर कुंड में किसी को भी स्नान नहीं करने दिया जाएगा। राधाकुंड-श्यामकुंड के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है। हर स्थान पर पुलिस तैनात रहेगी। 
Ahoi Ashtami 2020: Childless Couple Did Not Take A Bath In   Radha Kund
अहोई अष्टमी
अहोई अष्टमी मेले का इतिहास 
अहोई अष्टमी के लिए राधाकुंड-श्यामकुंड का धार्मिक महत्व है। कहा जाता है राधाकुंड को अरिष्ठासुर का नगर व अरीठ वन के नाम से जाना जाता था। द्वापर युग में अरिष्ठासुर राक्षस अति शक्तिशाली था। शेर से भी उसकी तेज दहाड़ से आसपास के क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के गर्भ गिर जाते थे। इसी अरिष्ठासुर राक्षस ने मथुरा के राजा कंस के कहने पर गाय के बछड़े का रूप धारण कर बालस्वरूप श्रीकृष्ण पर आक्रमण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Ahoi Ashtami 2020: Childless Couple Did Not Take A Bath In   Radha Kund
राधाकुंड - फोटो : अमर उजाला
कृष्ण के हाथों बछड़े के रूप में आए राक्षस का वध होने पर श्रीकृष्ण को गो हत्या का पाप लगा। मान्यता यह है कि गो हत्या के पाप से मुक्ति के लिए श्रीकृष्ण ने दीपावली से 8 दिन पहले पड़ने वाली अष्टमी की रात को राधाकुंड-श्यामकुंड का निर्माण किया। वर्तमान में यह कुंड 10 एकड़ भूमि में फैले हुए हैं। दोनों कुंडों का जल अलग-अलग रंग का है। राधारानी के कुंड का जल सफेद जबकि कृष्ण के कुंड का जल श्याम रंग का है।
 
विज्ञापन
Ahoi Ashtami 2020: Childless Couple Did Not Take A Bath In   Radha Kund
राधाकुंड - फोटो : अमर उजाला
राधाकुंड-श्यामकुंड पर अहोई अष्टमी की मध्य रात को स्नान करने के लिए लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। प्रशासन द्वारा राधाकुंड में प्रवेश करने वाली सभी सीमाएं सील की गई हैं। राधाकुंड के अंदर किसी भी वाहन का प्रवेश वर्जित है। गिरिराज परिक्रमा को आने वाले श्रद्धालुओं को राधाकुंड में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। रामलीला मैदान होते हुए स्टेट बैंक चौराहे से परिक्रमा मार्ग पर निकाल दिया जाएगा। अहोई अष्टमी मेले में सरकार द्वारा कोविड-19 की जारी गाइडलाइन का पालन करा पाना मुश्किल है। आयोजन से खतरा और भी बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में मेला निरस्त करना ही विकल्प है। - राहुल यादव, एसडीएम गोवर्धन।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed